कश्मीर को मिले और अधिक स्वायत्तता : नेशनल कान्फ्रेंस
पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा गया कि "पार्टी स्वायत्तता के पक्ष में है।" नेशनल कान्फ्रेंस के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि पार्टी नेता इस मुद्दे पर एकमत हैं। उनका मत है कि इस मुद्दे को पूरी ताकत के साथ हर स्तर पर उठाया जाए।
नेताओं ने महसूस किया कि पार्टी इस मुद्दे को संकोच के साथ उठाती रही है, जबकि इस पर बड़े पैमाने पर रोशनी डालने की जरूरत है।
सूत्रों ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस नेताओं ने केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में कहा कि स्वायत्तता बुनियादी मांग है। पार्टी ने 1996 और 2008 में भी अभियान चलाया था। इसे इस रूप में नहीं देखा जाना चाहिए कि पार्टी नेतृत्व ने अब किसी प्रतिक्रिया में यह फैसला लिया है।
वर्ष 2000 मेंनेशनल कान्फ्रेंस राज्य विधानसभा में सफलतापूर्वक स्वायत्तता सम्बंधी प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में मांग की गई थी कि राज्य की हैसियत को 1953 से पूर्व की स्थिति में वापस लाया जाए, जब जम्मू एवं कश्मीर का विदेश, संचार और रक्षा जैसे सभी मामलों पर नियंत्रण था।
पार्टी उस प्रस्ताव को उसी भावना के साथ लागू नहीं करवा पाई। यह प्रस्ताव 2002 के जून-जुलाई में चले विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किया गया था।
उल्लेखनीय है कि नेशनल कान्फ्रेंस के नेताओं ने स्वायत्तता की मांग ऐसे समय में उठाई है जब मुख्य विपक्षी दल पीडीपी ने राज्य में स्वशासन के लिए अपना अभियान शुरू किया और कश्मीर संकट के जल्द समाधान का आह्वान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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