जम्मू एवं कश्मीर में जनमत के दबाव में पुलिस विधेयक टला
आधिकारिक सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि यह विधेयक अब 28 फरवरी से शुरू होने वाले आगामी विधानसभा सत्र में पेश नहीं किया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देश के अनुरूप यह निर्णय किया गया है कि गृह मंत्रालय इस विधेयक पर जनता की राय जानने के लिए इसे वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा।"
गृह मंत्रालय का कार्यभार अब्दुल्ला के पास ही है।
सूत्रों के मुताबिक इस विधेयक का प्रदेश की जनता पर काफी असर होगा इसलिए इसे विधानसभा में पेश करने से पहले इस पर जनता की राय ली जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि विधेयक को एक सप्ताह के अंदर समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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