भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध भड़का सकते हैं आतंकी : अमेरिका
वाशिंगटन, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने पाकिस्तान के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की है। वह इस बात को लेकर भयभीत हैं कि आतंकी संगठन पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध भड़काने की कोशिश कर सकते हैं।
गेट्स ने गुरुवार को सीनेट की एक समिति के समक्ष कहा, "पाकिस्तान के बारे में मैं बहुत चिंतित हूं। उसके यहां भारी आर्थिक समस्याएं हैं.. वहां घरेलू स्तर पर आतंकवाद का गम्भीर खतरा है, जो पाकिस्तान को ही अस्थिर करना चाहता है।"
गेट्स ने कहा, "और मुझे इस बात की चिंता है कि उनमें से कुछ आतंकी भारत एवं पाकिस्तान के बीच युद्ध भड़काने की कोशिश कर सकते हैं। मैं समझता हूं कि पाकिस्तान को लेकर चिंतित होने के बहुत कारण हैं।"
गेट्स ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी शिविर अभी भी मौजूद हैं। इसके साथ ही गेट्स ने भारत की सीमा से सैनिकों को हटा कर अफगानिस्तान की सीमा पर लगाने के लिए इस्लामाबाद की तारीफ की।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, "पाकिस्तान के 140,000 सैनिक अफगानिस्तान सीमा पर तैनात हैं। ये स्थितियां धीरे-धीरे सुधरती हैं, तत्काल नहीं, जैसा कि हम चाहते हैं, लेकिन एक अवधि के भीतर हम एक बेहतर स्थिति में होंगे।"
गेट्स ने कहा, "यदि आप मुझसे दो वर्ष पहले पूछे होते कि क्या पाकिस्तान भारतीय सीमा से छह टुकड़ियां हटा कर उसे पश्चिमी सीमा पर तैनात कर देगा, तो मैं कहा होता कि यह असम्भव है।"
गेट्स ने आगे कहा, "यदि आप मुझसे पूछे होते कि क्या हम अफगानिस्तान सीमा पर दोनों तरफ समन्वित अभियान शुरू करेंगे, जिसमें आईएसएएफ बल एक तरफ और पाकिस्तानी बल दूसरी तफ होते, तो मैं कहा होता कि ऐसा असम्भव है।"
गेट्स ने कहा, "पाकिस्तान इनमें से कुछ शिविरों को नष्ट कर रहा है। दक्षिणी वजीरिस्तान और स्वात में उसने जो किया वह बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन इसकी एक मिश्रित तस्वीर है और यह कुछ ऐसा है कि हमें इस दिशा में निरंतर काम करते रहने की आवश्यकता है।"
इस बीच जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने सुझाव दिया है कि वाशिंगटन को भारत एवं पाकिस्तान के बीच अविश्वास और तनाव समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच बेहतर सम्बंध सुनिश्चित कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।
मुलेन ने हाउस आर्म्ड सर्विसेस कमेटी के समक्ष कहा, "पाकिस्तान और उस क्षेत्र के साथ हमारे व्यापक आदान-प्रदान के संदर्भ में भारत एवं पाकिस्तान के बीच कुछ दीर्घकालिक दुश्मनी व अविश्वास को समाप्त करना हमारे प्रयासों में बहुत योगदान करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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