जिलाधिकारी के अपहरण मामले पर उड़ीसा विधानसभा में हंगामा
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार पर जिलाधिकारी को रिहा कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के विधायकों ने सरकार के खिलाफ विभिन्न नारे लिखी तख्तियां प्रदर्शित की। एक तख्ती पर लिखा गया, "जिलाधिकारी अपहृत, अब कौन सुरक्षित"।
सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों द्वारा हंगामा कर रहे विधायकों को अध्यक्ष के आसन तक पहुंचने से रोकने के समय दोनों पक्षों के बीच हल्की हाथापाई भी हुई। हंगामा जारी रहने से विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप अमात ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन मांझी की रिहाई के लिए नक्सलियों द्वारा उनकी शर्ते पूरी करने के लिए सरकार को दिए गए अल्टीमेटम की अवधि शुक्रवार शाम को समाप्त हो रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications