अल्प विकसित देशों को 50 करोड़ डॉलर की मदद देगा भारत
केंद्रीय विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने यहां अल्प विकसित देशों के दो दिवसीय मंत्री सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, "मौलिक मानवाधिकारों और मानव स्वतंत्रता का समर्थन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते हमें इस बात पर गर्व है कि हम हमारे लोगों की आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में सफलता हासिल कर सके हैं।"
उन्होंने कहा, "हम अपने मित्रों और अल्प विकसित देशों में हमारे सहयोगियों के साथ अपने अनुभव बांटने के लिए तैयार हैं।"
कृष्णा ने इन अल्प विकसित देशों के लिए और भी घोषणाएं कीं। उन्होंने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत प्रत्येक अल्प विकसित देश में हर साल पांच अतिरिक्त छात्रवृत्तियां देने की घोषणा की। उन्होंने मई में इस्तांबुल में होने वाले 'यूएन एलडीसी फोर' के बाद आगे की कार्यवाही के लिए अगले पांच सालों तक के लिए 50 लाख डॉलर का विशेष कोष देने की घोषणा की।
कृष्णा ने अगले पांच सालों के दौरान अल्प विकसित देशों में परियोजनाओं और कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा की।
उन्होंने कहा, "इस सम्मेलन का विषय दक्षिण-दक्षिण सहयोग है। भारतीय विदेश नीति का एक मुख्य लक्ष्य एक ऐसा अभिनव समाधान निकालना है जिससे अल्प विकसित देशों को वास्तविक व ठोस लाभ मिल सके और जो मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का पूरक हो।"
करीब 35 विदेश मंत्री और अल्प विकसित देशों के संयुक्त राष्ट्र में 40 स्थायी प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। सभी मंत्रियों ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की।
इस्तांबुल में नौ से 13 मई तक अल्प विकसित देशों का चौथा सम्मेलन होने वाला है और यह सम्मेलन एक तरह से उसकी अगुवाई है। इस सम्मेलन में 'दिल्ली घोषणा' तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें इन देशों में विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं होंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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