उपचुनाव जीते मुंडा, मुख्यमंत्री बने रहने का रास्ता साफ (लीड-1)
मुख्यमंत्री ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के उम्मीदवार कृष्णा गागाराय को 17,000 से अधिक मतों से पराजित किया।
जीत हासिल करने के बाद मुंडा ने कहा, "यह राज्य के लोगों की जीत है। खरसांवा के लोगों ने विकास के पक्ष में मतदान किया है।"
मुंडा को इस जीत कि काफी आवश्यकता थी क्योंकि संवैधानिक आवश्यकताओं के मुताबिक मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के भीतर विधानसभा की सदस्यता हासिल करना अनिवार्य है। पिछले साल सितम्बर में वह राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।
मतगणना का काम सुबह आठ बजे शुरू हुआ। तीसरे दौर में मुंडा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गागाराय से 860 मतों से पीछे चल रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने पर्याप्त बढ़त बना ली। मुंडा को 61,701 जबकि गागाराय को 44,355 मत मिले।
इससे पहले मुंडा खरसांवा सीट से वर्ष 1995 में भी झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के टिकट पर विजयी हुए थे, लेकिन वर्ष 2000 में विधानसभा चुनाव से पहले ही वह भाजपा में शामिल हो गए थे। मुंडा इस सीट से वर्ष 2000 और 2005 में भाजपा के टिकट पर विजयी हो चुके हैं।
वर्ष 2009 में भाजपा के मंगल सिंह सॉय इस सीट से विजयी हुए थे लेकिन मुंडा के लिए उन्होंने पिछले साल ही इस सीट से इस्तीफा दे दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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