चूमना हो शिखर तो सही दिशा में बढ़िए
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। एक व्यापारी के पास एक घोड़ा और एक गधा था। वह खुद घोड़े पर चढ़ जाता था और गधे पर माल लादकर गांव-गांव में घूम-घूमकर बेचता था।
घोड़ा उसने ऊंचे दाम पर खरीदा था, इसलिए उस पर वह बोझ नहीं लादता था और उसका अधिक ख्याल रखता था।
एक दिन व्यापारी घोड़े पर चढ़कर किसी गांव की ओर जा रहा था। गधे पर बोझ लदा था, गधा कमजोर था और उस पर क्षमता से अधिक बोझ लाद दिया गया था।
इसलिए वह कठिनाई से बढ़ रहा था। फिर उसकी हिम्मत जवाब दे गई, तब उसने घोड़े से कहा, "भाई! इस बोझ से तो मेरे प्राण निकले जा रहे हैं। तुम दया करके मेरा थोड़ा सा बोझ ले लो। मैं जीवन भर तुम्हारा आभारी रहूंगा।"
घोड़े ने अहंकार भरे स्वर में कहा, "क्या बकता है? हमने कभी बोझ ढोया है जो अब ढोएंगे। खबरदार जो ऐसी बात कभी फिर मुंह से निकाली।"
बेचारा गधा कुछ नहीं बोला और रोते-रोते आगे बढ़ने लगा, अंत में वह गिर पड़ा जिससे उसका एक पैर टूट गया।
व्यापारी ने तुरंत गधे का सारा बोझ घोड़े की पीठ पर लाद दिया और गधे को भी उसके ऊपर चढ़ा दिया।
फिर घोड़े का सारा अहंकार हवा हो गया और सोचकर पछताने लगा कि "काश मैं गधे की बात मानकर उसका थोड़ा सा भार हल्का कर देता! यदि मैं उसकी थोड़ी सी भी सहायता कर देता तो बदले में मेरा ही भला हो जाता और मुझे इतना कष्ट भी न उठाना पड़ता।"
इसलिए अपने कर्म पर ध्यान दीजिए और इन गुरुमंत्रों को जेहन में उतारिए :
* कर्म करने से पहले नफा नुकसान मत देखिए, सिर्फ कर्म करने की बात सोचिए, क्योंकि फल तो आपके कर्म के हिसाब से ही मिलेगा।
* सफलता पाने के लिए ईश्वर पर विश्वास कीजिए, क्योंकि आस्था का मतलब है विश्वास करना। फिर सही दिशा में कर्म करने पर आप ऊंचे शिखर पर पहुंच सकते हैं।
* जब तक आप कुछ पाने की इच्छा नहीं करेंगे, तब तक आप कर्म कैसे करेंगे। यदि आप कर्म नहीं करेंगे तो इच्छाओं की पूर्ति कैसे करेंगे। कर्म का दूसरा नाम ही इच्छा है।
* बड़ी सफलता पाने के लिए आपको धर्य और विश्वास के साथ तब तक प्रतीक्षा करनी होगी, जब तक पानी जम कर बर्फ न बन जाए।
* पेड़ पर बैठा कौवा उसकी शाखाओं के हिलने या टूटने से कभी नहीं डरता, क्योंकि उसे शाखाओं से ज्यादा अपने पंखों पर विश्वास होता है। इसलिए आप अपने कर्म पर विश्वास कीजिए, नसीब पर नहीं।
* आपका सफल होना आपके भाग्य पर निर्भर नहीं करता, बल्कि आपके द्वारा किए गए सूझ-बूझ पर निर्भर करता है।
* जैसी आपकी इच्छा होती है, वैसी ही आपकी आकांक्षा बनती है। जैसी आपकी आकांक्षा बनती है, वैसा ही आप कर्म करते हैं। फिर आप जैसा कर्म करते हैं, वैसा ही आपको फल मिलता है।
* आत्मविश्वास के द्वारा ही आपका मनोबल ऊंचा उठता है, क्योंकि अंगों में रक्त का तेजी से संचार तब होता है, जब आपके अंदर जोश होता है।
* जब आप झूठ बोलते हैं, तब पाप करते हैं, इसलिए असफल हो जाते हैं। लेकिन जब आप मेहनत करते हैं, त्याग करते हैं, तब आप सफल हो जाते हैं।
* सुपरहिट फिल्म 'ओम शांति ओम' में शाहरुख खान ने कहा था, "जब आप दिल से कुछ करना चाहते हैं, तब सारी कयानात आपसे मिलने की कोशिश में लग जाती है।" ये पक्ति यां ठीक उसी तरह से आपके दिल में उतर जाती हैं, जिस तरह से यह पुस्तक।
(डायमंड बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीक्रेट्स ऑफ सक्सेस' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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