क्यूबा ने गठिया की दवा विकसित की
अब तक इन बीमारियों के इलाज के लिए जो दवा इस्तेमाल की जाती थी वह अमेरिका में बनती थी और आर्थिक प्रतिबंध के चलते क्यूबा को इसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक विज्ञान, प्रोद्योगिकी एवं पर्यावरण मंत्रालय के तहत आइसोटोप सेंटर ने इस दवा 'क्रोनिक फॉस्फेट 32पी' को विकसित किया है। यह अमेरिकी दवा 'फॉस्फोकॉल' का स्थान लेगी।
'जुवेनटुड रीबेल्डी' दैनिक के मुताबिक यह दवा जोड़ों की गठिया सहित विभिन्न गम्भीर बीमारियों के इलाज में कारगर होगी। यह दवा मरीज का दर्द कम करने के लिए उसे इंजेक्शन के जरिए दी जाएगी।
हवाना के एनरिक ग्रेशिया टीचिंग अस्पताल के नाभिकीय दवा विभाग के प्रमुख एनरिक ग्रेशिया का कहना है कि अमेरिका द्वारा 1962 में क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंध के चलते 'फॉस्फोकॉल' का आयात असंभव था। इस कारण क्यूबा में इस बीमारी से ग्रस्त लोगों की शल्य चिकित्सा करनी पड़ती थी और उन्हें स्वस्थ होने में बहुत लंबा समय लगता था।
वर्तमान में क्यूबा में करीब 115,000 लोग गठिया बीमारी से ग्रस्त हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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