ओबामा का जार्डन के शाह को समर्थन का आश्वासन
समाचार पत्र 'लास एंजेलिस टाइम्स' के अनुसार मिस्र में जनाक्रोश के कारण पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के पतन और ट्यूनीशिया के पूर्व राष्ट्रपति जिन अल आबिदीन बेन अली के देश छोड़ने से अब्दुल्ला भी अपनी सत्ता बरकरार रखने को लेकर बेहद आशंकित हैं। शाह अपने शासन की स्थिरता को लेकर अमेरिका से चिंता जाहिर कर चुके हैं।
ओबामा ने शाह की आशंका को कम करने के लिए शीर्ष अधिकारियों का एक दल जार्डन रवाना किया है और समर्थन जारी रखने का भरोसा जताया है।
गौरतलब है कि जार्डन का राजपरिवार शासन विरोधी प्रदर्शनों के कारण दबाव में हैं। साथ ही मौजूदा सरकार के पारंपरिक समर्थक कबायली नेता भी सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही ओबामा प्रशासन भी राजनीतिक बदलाव के लिए शाह पर दबाव डाल रहा है। इससे राजपरिवार और उसके सहयोगी मुश्किल में पड़ सकते हैं।
मध्य-पूर्व के देशों में सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार में शामिल होने और आर्थिक संकट की वजह से बढ़ते असंतोष के कारण जन आंदोलन की लहर तेज होती जा रही है।
ओबामा ने मंगलवार को वाशिंगटन में कहा, "आप किसी भी समाज में बिना सहमति के जबर्दस्ती शासन नहीं कर सकते हैं।"
ओबामा ने अब्दुल्ला को अमेरिकी समर्थन का आश्वासन दिया लेकिन राजनीतिक सुधार के लिए कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र के जरिए ही मध्य-पूर्व में स्थिरता लाई जा सकेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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