बोगस विश्वविद्यालय के मुद्दे का निष्पक्ष समाधान का आश्वासन
वाशिंगटन, 16 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह वीजा धोखाधड़ी के आरोप में एक बोगस अमेरिकी विश्वविद्यालय के बंद होने से प्रभावित हुए 1,500 भारतीय छात्रों के मामले में निष्पक्ष समाधान निकालेगा।
अमेरिकी की ओर से यह आश्वासन तब दिया गया है जब भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव ने मंगलवार को अमेरिकी उप विदेश मंत्री बिल बर्न्स के समक्ष यह मुद्दा उठाया। इससे पहले सप्ताहांत में भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने अपनी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन के सामने यह मुद्दा उठाया था।
बर्न्स के सामने यह अहम मुद्दा उठाते हुए राव ने उन्हें छात्रों के कल्याण को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। राव ने मंगलवार को संवाददाताओं को इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने बर्न्स से कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में योग्य छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कैलीफोर्निया के ट्राई-वैली बोगस विश्वविद्यालय में करीब 1,555 छात्र थे। इनमें से 90 प्रतिशत छात्र भारतीय हैं और उनमें ज्यादातर आंध्र प्रदेश से हैं। उन्हें अपने छात्र वीजा को मान्य बनाए रखने के लिए अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने की जरूरत है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें स्वदेश भेजा जा सकता है।
राव ने कहा कि उन्होंने बर्न्स से कहा है कि ज्यादातर भारतीय छात्र किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त नहीं रहे हैं इसलिए उन्हें वैकल्पिक संस्थानों में प्रवेश दिया जाना चाहिए। बर्न्स ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अमेरिका इस मुद्दे पर निष्पक्ष समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यहां का भारतीय दूतावास छात्रों के भविष्य को प्रभावित किए बिना उन्हें वैकल्पिक संस्थानों में प्रवेश दिलाकर उनकी मदद करने के लिए विदेश विभाग के सम्पर्क में है।
राव ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मुद्दे से भारतीय छात्रों की छवि प्रभावित होगी। अमेरिका में हर साल भारत से करीब 100,000 छात्र आते हैं और राव उम्मीद करती हैं कि छात्रों की यह संख्या ऐसी ही बनी रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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