महिलाएं अपने हुनर को बनाएं आय का साधन : जोशी
जयपुर, 13 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री डॉ. सी.पी.जोशी ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अपनी दक्षता को बढ़ाकर अपने हुनर को आय का साधन बनाएं और सरकार की महिला संरक्षण नीति का लाभ लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र में आगे आएं।
डॉ. जोशी रविवार को उदयपुर के कृषि प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सभागार में आयोजित ग्रामीण महिला स्वरोजगार मेला के अवसर पर लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन हिन्दुस्तान जिंक एवं विश्वास संस्था के तत्वावधान में किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं हुनर में किसी से कम नहीं है, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि वे अपने हुनर को परिवार के लिए आय का साधन कैसे बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से ही महिलाओं की दक्षता व हुनर का विकास किया जा सकता है।
डॉ. जोशी ने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि राजस्थान की समस्त महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वावलम्बी बनें। उन्होंने इस संदर्भ में आंध्र प्रदेश का उदाहरण बताते हुए कहा कि वहां महिलाएं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वावलम्बी बन गई हैं और करीब 30 हजार करोड़ रुपये का विविध प्रकार का व्यवसाय कर रही हैं।
जोशी ने महिलाओं से रोजगार के अधिकार के कानून का लाभ लेने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि एक महिला को वर्ष में 100 दिन रोजगार की गारंटी का कानून बनाया गया है।
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का भी आह्वान किया कि वे महिला सशक्तीकरण के लिए बनाए जा रहे कानूनों एवं नीतियों के क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सामाजिक दायित्व में भी अपना योगदान करें। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने महिलाओं को स्वयंसहायता समूहों के माध्यम से मसाला उद्योग के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए समूहों द्वारा उत्पादित माल के विपणन की व्यवस्था सरकार के सहयोग से करने पर बल दिया।
समारोह में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई.वी. त्रिवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए शीघ्र ही कौशल विकास केंद्र शुरू करने जा रहा है। इस केंद्र पर कक्षा पांच से 12वीं तक के विद्यार्थी व्यावसायिक प्रशिक्षण ले सकेंगे।
विश्वास संस्था की संध्या ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों की 400 महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications