त्वरित न्यायालय में बलात्कार मामलों की सुनवाई
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार संगीता वर्मा ने आईएएनएस को बताया, "हम बलात्कार के मामलों की सुनवाई त्वरित न्यायालयों में करने की मांग से पूरी तरह से सहमत हैं और इस सिलसिले में हमने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव सौंपा है।"
वर्मा राजधानी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे आपराधिक मामलों पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों के साथ बातचीत कर रही थीं।
बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए ऐसे न्यायालयों के गठन पर जोर देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडबल्यू) की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने कहा, "हम अगर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामलों में कमी लाना चाहते हैं तो, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी होगी।"
उन्होंने कहा, "इन मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए त्वरित न्यायालयों को स्थापति किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
व्यास के विचारों से सहमति जताते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप गोयल ने कहा, "मैं त्वरित न्यायालयों के गठन की मांग से पूरी तरह से सहमत हूं। खासकर सामूहिक बलात्कार के मामलों की सुनवाई त्वरित न्यायालयों में होना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उच्च न्यायालय से धौला कुआं में एक बीपीओकर्मी के साथ हुए सामूहिक बलात्कार सहित चार मामलों की सुनवाई त्वरित न्यायालय में करने की अपील की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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