भारत में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए आंदोलन की जरूरत : दोसांझ
टोरंटो, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल के शीर्ष कनाडाई नेता उज्जल दोसांझ ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की है कि वह देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए आंदोलन की अगुवाई करें। दोसांझ ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए 'तीसरे स्वतंत्रता आंदोलन' की आवश्यकता है।
मनमोहन सिंह को गुरुवार को भेजे एक पत्र में दोसांझ ने कहा, "विदेश में रह रहे एक भारतीय के तौर पर मैं हमेशा इस बात से परेशान रहा हूं कि भ्रष्टाचार के बढ़ते खतरे की तरफ भारत पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। विदेश में भारी मात्रा में काला धन जमा करने वालों की सूची में भारतीयों का नाम शीर्ष पर है।"
काले धन के मुद्दे से निपटने के लिए प्राशसनिक और कानूनी तौर पर हर सम्भव कदम उठाए जाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा मंत्रियों के एक समूह बनाने के फैसले से दोसांझ खुश नहीं हैं। कनाडा के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके दोसांझ ने कहा कि समितियों के गठन से भारत में भ्रष्टाचार को कभी भी जड़ से समाप्त नहीं किया जा सकता।
दोसांझ ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए भारतीय मानसिकता और मूल्यों में एक क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है।
दोसांझ ने सवालिया लहजे में कहा कि इस तरह की समितियां अपना काम कैसे कर सकती हैं, जब इस सम्बंध में राजनीतिक फैसले लेने वाले लोग ही संदेह के घेरे में हैं।
दोसांझ कहते हैं, "नैतिकता, मूल्यों और भारतीयों के व्यवहार में क्रांतिकारी बदलाव के बिना भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा।"
दोसांझ ने भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री से एक आंदोलन की अगुवाई करने की अपील की। दोसांझ ने कहा, "भारत में यह तीसरा स्वंतत्रता आंदोलन होगा (पहला वर्ष 1857 और दूसरा 1947 के बाद)।"
गौरतलब है कि दोसांझ ने अपने पत्र की प्रति राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रिय नेताओं को भी प्रेषित की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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