केरल के पूर्व मंत्री को 1 साल का कारावास (लीड-1)
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 10 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को केरल के पूर्व कांग्रेसी मंत्री आर. बालकृष्ण पिल्लै एवं दो अन्य को एक साल कैद की सजा सुनाई। इन तीनों को एक पनबिजली परियोजना के ठेका आवंटन में भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। पिल्लै ने कहा कि वह जेल जाने को तैयार हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत उन्हें यह सजा सुनाई गई। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने एदामलयार पनबिजली परियोजना के ठेका आवंटन में गड़बड़ी की। वर्ष 1980 के मध्य इस परियोजना के तहत बनी सुरंग में दरारें आ गई थीं।
न्यायमूर्ति पी. सथशिवम और न्यायमूर्ति बी.एस. चौहान की खंडपीठ ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए उन्हें यह सजा सुनाई है। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में तीनों को दोषमुक्त करार दिया था।
केरल की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान विपक्ष के नेता रहे मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन ने उस समय उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने अच्युतानंदन की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीनों दोषियों पर अलग-अलग 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से बातचीत में 76 वर्षीय पिल्लै ने कहा कि वह शीर्ष अदालत के फैसले की समीक्षा की जरूरत नहीं समझते, वह जेल जाने को तैयार हैं।
पिल्लै केरल कांग्रेस (बी) के अध्यक्ष हैं। यह पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की घटक है। पिल्लै ने दावा किया है कि वह निर्दोष हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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