रेवोल्यूशन 2.0 के लिए कुर्बानी दे दूंगा : गूगल अधिकारी
गोनिम मुबारक विरोधी प्रदर्शन के एक केंद्रीय प्रतीक, आंदोलन का चेहरा और लोकतंत्र के नायक बन गए हैं।
उम्र के 30वें वर्ष में चल रहे वाएल गोनिम मध्य पूर्व में गूगल के शीर्ष कार्यकारी और एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। विरोध प्रदर्शनों में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया और इसके लिए वह अपनी कुर्बानी तक देने को तैयार हैं।
गोनिम ने मुबारक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को इंटरनेट क्रांति का नाम दिया है। मुबारक पिछले 30 वर्षो से मिस्र पर शासन कर रहे हैं।
गोनिम ने समाचार चैनल सीएनएन से बातचीत में गुरुवार को कहा, "मैं इस विरोध प्रदर्शन को रेवोल्यूशन 2.0 कहूंगा।"
गोनिम को अधिकारियों द्वारा गत सात फरवरी को रिहा किया गया।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने आंदोलन की योजना बनाई थी, उन्होंने कहा, "हां, हमने यह योजना बनाई थी।"
"हमारी योजना सभी को सड़कों पर उतारने की थी। हमारी मांग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है।"
उन्होंने साफ-साफ कहा कि प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड, जिसने सरकार से वार्ता की, वह इन सब में शामिल नहीं था।
गोनिम ने कहा, "यदि आप किसी समाज को आजाद करना चाहते हैं तो उसे इंटरनेट की पहुंच दे दीजिए। लोग खुद ब खुद शामिल होंगे। वे संवाद कायम करेंगे और सहयोग भी देंगे।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इंटरनेट रेवोल्यूशन है। "मैं इसे रेवोल्यूशन 2.0 कहूंगा।"
सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए वार्ता की कोशिश करने पर उन्होंने कहा, "यह बातचीत का वक्त नहीं रहा। हम 25 तारीख को सड़कों पर उतरे थे और हम वार्ता चाहते थे। हम अपनी सरकार से बात करना चाहते थे। हम तो सरकार का दरवाजा खटखटा रहे थे।"
उन्होंने रबर बुलेटों के साथ हमसे रात में वार्ता का फैसला किया। वह भी पुलिस के साथ। जिनके हाथों में डंडे थे, पानी की बौछार करने वाले उपकरण और आंसू गैस के टैंक थे। हमारे 500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गोनिम ने कहा कि उन्हें निशाना बनाकर गिरफ्तार किया गया था। "वे मुझे ढूंढ रहे थे।"
उन्होंने कहा, "मैं मरने को तैयार हूं इसलिए मैंने अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी अपनी पत्नी को बना दिया है।"
काहिरा के तहरीर चौक पर विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने उन्हें एक प्रतीकात्मक नेता के रूप में मान लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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