'एयरो इंडिया 2011' में शामिल होंगी 35 रूसी कम्पनियां

इस एयर शो में रूसी कम्पनियों की तरफ से 80 से अधिक प्रकार के हथियारों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। 13 फरवरी तक चलने वाले इस प्रदर्शनी में 63 देशों के 600 से अधिक कम्पनियों के शामिल होने की संभावना है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक प्रदर्शनी में रूस की 35 कम्पनियां शामिल होंगी, जिनमें मुख्य रूप से मिग, सुखोई, अल्माज-अंतेई और इंजीनियरिंग डिजाइन ब्यूरो शामिल हैं।
रूस पारम्परिक तौर पर मिग-35 और सुखोई-35 लड़ाकू विमानों की प्रदर्शनी लगाएगा। इसके अलावा याक-130, द्वितीत-76 एमडी के यातायात विमान, द्वितीय-78 एमके टैंकर भी शामिल होंगे। मिग-29 के और मिग-29 केयूबी श्रृंखला के नौसैनिक लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी में शामिल किए जाएंगे। रूस की ओर से शामिल होने वाला बी-200 आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।
इस विमान का उपयोग समुद्र टोही विमान और हवा में आग बुझाने के लिए भी किया जा सकता है। एयरो इंडियो 2011 के दौरान रूसी हेलीकॉप्टरों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। एमआई-28एनई, लाइट मल्टीरोल केए-226 टी और एमआई-26 भी दिखाए जाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिका के बाद रूस विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है।
रूसी रक्षा उद्योग से जुड़ी कम्पनियां विदेशी ग्राहकों को लगभग 10 अरब डॉलर का हथियार मुहैया कराती हैं। यही नहीं, अगले पांच दिनों तक इस शो में दुनिया भर के बेहतरीन लड़ाकू विमान अपने अपने करतब दिखाएंगे तो वहीं इस शो में करतब दिखाने के लिये चेक गणराज्य की 62 वर्षीरू नागरिक राडका मकोवा और उनकी चार सदस्यी टीम भी मोजूद हैं।
इनकी चार सदस्यी टीम फ्लाईंग बुल्स दुनिया की सबसे बेहतरीन एयर डिस्पले करने वाली टीम में शुमार है। 62 वर्षीरू राडका 1971 से लेकर अब तक 35 हजार घंटों की उड़ान भर चुकी हैं और उनका यह जज्बा आज भी बरकरार है।












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