उड़ीसा में जनगणना 2011 का द्वितीय चरण शुरू
राज्य के जनगणना कार्यो के निदेशक बिष्णुपदा सेठी ने आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का विवरण दर्ज करने के साथ ही जनगणना कार्य प्रारम्भ हो गया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जनगणना प्रचार वैन को हरी झण्डी दिखाई। ये वैन द्वितीय चरण की जनगणना के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में जाएगी। इस चरण की समाप्ति 28 फरवरी को होगी।
जनगणना 2011 दो चरणों में सम्पन्न कराई जा रही है। पहले चरण में मकानों की गणना हुई जबकि दूसरे चरण में आबादी की गणना की जा रही है।
'नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर' तैयार करने के लिए मकानों की सूची बनाने का कार्य राज्य में पिछले साल सात अप्रैल को शुरू हुआ और 22 मई को समाप्त हुआ था।
देश में जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी। यह 15वीं जनगणना है। हर 10 साल में जनगणना होती है।
जनगणना का द्वितीय चरण पूरा करने के लिए जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारियां इकट्ठी करेंगे। सेठी ने बताया कि बेघर लोगों की गणना 28 फरवरी को शुरू होगी।
उन्होंने बताया कि जनगणनाकर्मी एक मार्च से पांच मार्च के बीच दोबारा घरों में जाएंगे। इसमें संदर्भ के लिए यह पता लगाया जाएगा कि इस दौरान किसी के घर जन्म, मृत्यु या मेहमानों के आने जैसी घटनाएं हुई हैं या नहीं।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए राज्य के भौगोलिक क्षेत्र को 95,462 जनगणना ब्लॉक्स और 12,468 पर्यवेक्षण परिमंडलों में बांटा गया है।
साल 2001 की जनगणना के मुताबिक उड़ीसा की आबादी 36,706,920 है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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