पूर्वोत्तर भारत में शुरू हुई जनगणना
अंतिम चरण के पहले दिन सभी राज्यों में सबसे पहले राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों व अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के पारिवारिक सदस्यों की गणना की गई। द्वितीय चरण की जनगणना 28 फरवरी को पूरी होगी।
वरिष्ठ जनगणना अधिकारी दिलीप अचरजी ने आईएएनएस को बताया, "जनगणना अधिकारियों व गणनाकारों ने सुबह से ही अपना काम शुरू कर दिया था।"
मुख्यमंत्रियों ने लोगों से 'हमारी जनगणना, हमारा भविष्य' नारे के साथ त्रुटिहीन गणना के लिए अधिकारियों संग सहयोग करने को कहा है।
उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा गलत जानकारी दिए जाने और गणनाकारों या जनगणनाकर्मियों द्वारा गलत जानकारी भरे जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अचरजी ने कहा, "जानबूझकर गलत जानकारी देने वालों और गलत जानकारियां भरने वाले अधिकारियों को 1,000 रुपये जुर्माने और तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।"
अधिकारियों के मुताबिक आठ पूर्वोत्तर राज्यों में करीब 100,000 जनगणनाकर्मी व पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
सैनिकों व अर्धसैनिक बल के जवानों को उनके शिविरों और बैरकों में गणनाकारों के रूप में नियुक्त किया गया है।
जनगणना के अंतिम परिणाम मार्च के तीसरे सप्ताह में घोषित किए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications