राजस्थान में पेट्रो पदार्थो में मिलावट विरोधी अभियान शुरू
जयपुर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान में रविवार को पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत की गई। अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान महज एक अभियान न होकर राज्य सरकार का एक एक्शन प्लान है, जिसे निरंतर जारी रखा जाएगा।
गहलोत ने विशेष तौर पर तैयार की गई दो मोबाइल लैब को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशव्यापी अभियान पर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तेल कम्पनियों के उच्चाधिकारियों को राज्य के सातों संभागों के लिए एक-एक मोबाइल लैब उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस कार्य में राज्य सरकार भी हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के जरिए मिलावटखोरों पर अंकुश लगाकर आमजन को भारी राहत दी गई है। उन्होंने इस अभियान की प्रगति की चर्चा करते हुए कहा कि इसके आरंभ होने के बाद से 67710 निरीक्षण कर 22188 नमूने लिए गए हैं। पीएफए एक्ट में करीब 1500 प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किया गया है और 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 407 लाइसेंस निलम्बित और 121 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
गहलोत ने कहा कि ऐसे अभियान से कानून का इकबाल बुलंद होता है और अपराधियों पर लगाम लगती है, मिलावटखोरों पर अंकुश लगता है और उपभोक्ताओं में जागृति पैदा होती है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिलावटखोरी से बड़ा कोई अपराध नहीं है और मिलावट करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि तेल कम्पनियों और राज्य सरकार के मिलावट विरोधी इस संयुक्त अभियान का अपना अलग महत्व है और इसका प्रभाव निश्चित तौर पर प्रदेश में नजर आएगा। उन्होंने खाद्य विभाग द्वारा स्थापित किए गए नियंत्रण कक्ष की चर्चा करते हुए कहा कि उपभोक्ता पेट्रोल में मिलावट संबंधी अपनी शिकायतें यहां दर्ज कराएं ताकि इन शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को दर्ज करने के लिए प्रदेश मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है जिसका फोन नम्बर 0141-2227342 है। उपभोक्ता यहां मिलावट संबंधी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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