मिस्र में स्थिति सामान्य करने की कोशिशों को झटका (राउंडअप)
विपक्षी गुटों के सरकार से वार्ता होने के एक दिन बाद राजधानी काहिरा के तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारी डटे रहे। उनमें से सैंकड़ों ने रात वहीं काटी ताकि उन्हें वहां से हटाने के प्रयास नाकाम हो सकें।
वेबसाइट 'बीबीसी डॉट को डॉट यूके' के अनुसार सोमवार सुबह जहां शेयर बाजार में कामकाज शुरू करने का काम 24 घंटे तक मुल्तवी कर दिया गया, वहीं मुगम्मा के इर्द गिर्द प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाई और वहां कामकाज शुरू नहीं होने दिया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की सैनिकों के साथ कहा-सुनी भी हुई लेकिन सेना को बल प्रयोग न करने की हिदायत दी गई है।
इस बीच, सरकार और विपक्षी गुटों के बीच रविवार की बातचीत विरोध प्रदर्शन समाप्त कराने में नाकाम रही। सरकार ने कई तरह की रियायतों की घोषणा की है लेकिन विपक्ष ने उन्हें नाकाफी बताया है। सरकार की ओर से उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने विपक्षी गुटों से बातचीत की।
प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड ने सरकार के साथ बातचीत में हिस्सा तो लिया लेकिन कहा कि यह अभी सिर्फ शुरूआत भर है इसलिए उसकी ओर से कोई रियायत नहीं दी जा सकती। प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गौर करने के लिए कुछ समितियां गठित की गई है।
गुट का कहना है कि वह भविष्य की बातचीत में तभी शिरकत करेगा जब सरकार उसकी मांगों पर कोई कार्रवाई करेगी। उनकी मांग है कि राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक इस्तीफा दें, संसद भंग की जाए, आपातकालीन कानून हटा लिए जाएं और सभी राजनीतिक बंदी रिहा किए जाएं।
इस बीच प्रमुख विपक्षी नेता मोहम्मद अल बरदई ने वार्ता की इस प्रक्रिया को अस्पष्ट करार दिया है। अल बरदई ने इस वार्ता में स्वयं हिस्सा नहीं लिया था बल्कि अपने प्रतिनिधि को भेजा था।
राष्ट्रपति मुबारक अब तक पद से तत्काल इस्तीफा न देने पर अड़े हुए हैं। उधर, दूसरी ओर तहरीर चौक पर डटे प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग पर अडिग हैं। एक पक्ष चाहता है कि 1981 से सत्तासीन नेता को सम्मानपूर्वक हटने का मौका दिया जाए।
ओबामा का मुबारक के बारे में अनुमान लगाने से इंकार :-
लोकतंत्र समर्थकों के जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मिस्र हमेशा के लिए बदल गया है।
रविवार को 'फॉक्स न्यूज' को दिए एक साक्षात्कार में ओबामा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वह यह कयास नहीं लगा सकते कि अगला कदम क्या होगा। उन्होंने राष्ट्रपति मुबारक के पद छोड़ने के बारे में कुछ भी अनुमान लगाने से इंकार कर दिया।
अमेरिका के करीबी रहे मुबारक के बारे में ओबामा ने कहा, "केवल वह ही जानते हैं कि वह क्या करने जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हम क्या कर सकते हैं! हम कह सकते हैं कि देश में परिवर्तन शुरू करने के लिए अब समय आपके हाथ में है।"
ओबामा ने कहा, "मिस्र जो था वह फिर नहीं होगा, मिस्र के लोग आजादी चाहते हैं, वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, वे एक प्रतिनिधि सरकार चाहते हैं, वह एक प्रतिक्रियावादी सरकार चाहते हैं। और इसलिए हमने कहा है कि आपको अब परिवर्तन शुरू करना होगा।"
ओबामा ने कहा कि अमेरिका ने मुबारक से सार्वजनिक और निजी तौर पर कई बार कहा है कि आप मिस्रवासियों की भावनाओं को दबाए नहीं रख सकते।
जब उनसे पूछा गया कि क्या 'मुस्लिम ब्रदरहुड' अमेरिका के लिए खतरा है तो उन्होंने कहा कि यह विपक्षी इस्लामिक संगठन अमेरिका विरोधी है लेकिन उन्होंने जोर दिया कि मिस्र में इसका बहुत प्रभाव नहीं है।
ओबामा ने कहा, "मिस्र में उनके पास व्यापक समर्थन नहीं है, लेकिन यह सुसंगठित हैं और इसकी विचारधारा अमेरिका विरोधी है।"
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मिस्र का भविष्य मिस्रवासियों के हाथों में हैं और अनके पास वर्तमान स्थिति और मुस्लिम ब्रदरहुड के अलावा भी कई विकल्प है।
विदेशी दूतावास मिस्र में पहुंचा रहे हैं हथियार :-
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कई देशों के दूतावासों को तस्करी के जरिए हथियार और विशेष संचार उपकरण पहुंचाने का प्रयास करने का जिम्मेदार ठहराया है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने सोमवार को यूएम7 वेब पोर्टल के हवाले से खबर दी कि मंत्रालय का आरोप है कि पिछले दो हफ्तों से कूटनीतिक सामान के साथ देश में हथियार और विशेष उपकरण लाने की कोशिशे हुई हैं। इस सामान की आमतौर पर जांच नहीं की जाती।
मंत्रालय ने कहा है, "तब भी सम्बद्ध एजेंसियों ने सभी तरह का सामान जब्त कर लिया है और सम्भवत: वे सब देश में नहीं लाया जा सका।"
मंत्रालय ने न तो सम्बद्ध देश का नाम लिया है और न ही यह बताया है कि वे हथियार, विशेष संचार उपकरण किस तरह के हैं, जिन्हें मिस्र में गैर कानूनी ढंग से लाने की कोशिश की गई।
मिस्र में गत 25 जनवरी से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक करीब 300 लोगों की मौत हो गई है और देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
बहुत से देशों ने अपने दूतावासों की हिफाजत के लिए अपनी सैन्य इकाइयों की मदद लेने की मिस्र सरकार से इजाजत मांगी थी, लेकिन उसे नामंजूर कर दिया गया।
लापता गूगल अधिकारी की होगी रिहाई :-
मिस्र में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक सप्ताह पूर्व रहस्यमय तरीके से लापता हुए गूगल के एक वरिष्ठ कार्यकारी को सोमवार को रिहा किया जाएगा। यह जानकारी उसके परिवार ने दी है।
उम्र के 30वें वर्ष में चल रहे वाएल गोनिम मध्य पूर्व में गूगल के शीर्ष कार्यकारी और एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। विरोध प्रदर्शनों में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया।
गोनिम के लापता होने के बाद 'वाल स्ट्रीट जर्नल' ने कहा था कि गोनिम मुबारक विरोधी प्रदर्शन के एक केंद्रीय प्रतीक, आंदोलन का चेहरा और लोकतंत्र के नायक बन गए थे।
काहिरा के तहरीर चौक पर विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने उन्हें एक प्रतीकात्मक नेता के रूप में मान लिया था। मुबारक विरोधी प्रदर्शन सोमवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। लेकिन मुबारक ने कहा है कि वह पद छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन अभी नहीं।
प्रदर्शनकारियों को आशंका थी कि गोनिम को गिरफ्तार कर लिया गया होगा, लिहाजा उन्होंने घोषणा की कि जब तक गोनिम को रिहा नहीं कर दिया जाता वे चौक से नहीं हटेंगे।
अंत में मिस्र सरकार ने रविवार को गोनिम के बारे में अपनी जुबान खोली। गोनिम के भाई हाजेम के हवाले से कहा गया है, "उन्होंने हमें बताया है कि वे सम्भवत: गोनिम को हमें सौंप देंगे, और सम्भवत: वह सुरक्षा घेरे में होंगे।"
अरबपति व्यापारी नागिब साइरिस ने रविवार को कहा था कि मिस्र के उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने उन्हें बताया था कि गोनिम को रिहा कर दिया जाएगा।
साइरिस ने कहा, "वह लड़का एक नायक है। जब वह रिहा होगा तो इस क्रांति का जीवंत नायक बन जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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