नेपाल में 14 घंटे रोजाना बिजली कटौती
काठमांडू, 7 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में वामपंथी नेता झलनाथ खनाल के सोमवार को प्रधानमंत्री बनने के साथ ही बिजली विभाग ने रोजाना 14 घंटे की बिजली कटौती करने की घोषणा की है।
विभाग ने नदियों के सूखने को इसका कारण बताया। नेपाल में नदी बिजली के प्रमुख स्रोत हैं।
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) पिछले एक महीने से 12 घंटे रोजाना बिजली कटौती कर रही थी। इसे बढ़ाकर अब 14 घंटे कर दिया गया है।
एनईए ने सोमवार को हालांकि 14 घंटे की बिजली कटौती की ही घोषणा की है, लेकिन आम आदमी के लिए वास्तव में 20 घंटे रोजाना बिजली कटौती हो रही है।
नई घोषणा के मुताबिक तीन बजे सुबह से दिन के एक बजे तक बिजली की आपूर्ति होगी।
नेपाल में तेज रफ्तार वाली नदियों के कारण 40,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता है, लेकिन वह वास्तव में 415 मेगावाट बिजली ही पैदा करता है।
अभी नेपाल को कुल 900 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन ठंडी और गर्मियों के सूखे के मौसम में बिजली की आपूर्ति बहुत कम हो जाती है।
खनाल से पूर्व की सरकार ने अगले 20 सालों में 20,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का वादा किया था।
माओवादियों द्वारा नए निवेश का विरोध करने से हालांकि इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो पाई। अब खनाल की खुद अपनी ही सरकार है और उन्हीं माओवादियों के सहयोग से वे सत्ता में हैं।
बिजली की कटौती से सरकार के नेपाल को विश्व का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के अभियान को नुकसान पहुंच सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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