एस-बैंड आवंटन पर प्रधानमंत्री सफाई दें : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने सोमवार को संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए कहा, "सीएजी ने एस-बैंड स्पेक्ट्रम की बिक्री में हुए कथित घोटाले को लेकर जो अनुमान लगाया है उससे प्रतीत होता है कि यह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले से भी बड़ा घोटाला है।" सीएजी इस मामले की जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा, "यह अंतरिक्ष मंत्रालय का मामला है और यह मंत्रालय सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अधीन है। इसलिए हम चाहते हैं प्रधानमंत्री सीधे इस मामले पर अपना बयान दें।"
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान (इसरो) के व्यवसायिक धड़े एंट्रिक्स कॉपोरेशन लिमिटेड और देवास मल्टी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर 20 वर्ष का करार हुआ था। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार सीएजी का आरम्भिक आकलन है कि इस करार से सरकारी खजाने को कम से कम दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीएजी ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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