नक्सलियों से पुलिसकर्मियों को मुक्त करने की अपील
पांचों पुलिसकर्मियों के परिजनों ने नक्सलियों से उन्हें मुक्त करने की अपील की है। परिजनों ने यह भी कहा है कि यदि नक्सली उन्हें सुरक्षित रिहा कर देते हैं तो वह दोबारा पुलिस की ड्यूटी नहीं करेंगे।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक टी. जे. लोंगकुमार ने आईएएनएस को बताया, "अगवा पुलिसकर्मियों का पता नहीं चल पाया है। बस्तर क्षेत्र के जंगलों में तथा मुख्य रूप से नारायणपुर के इलाकों में दबिश दी जा रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।"
गौरतलब है कि प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सदस्यों ने 25 जनवरी को ही नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाके से बंदूक की नोक पर छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्सज (सीएएफ) के पांच पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया था।
घटना के वक्त पुलिसकर्मी बिना हथियार के थे और उन्होंने पुलिस की वर्दी भी नहीं पहनी थी। छुट्टी मिलने के बाद वे नारायणपुर स्थित पुलिस मुख्यालय जा रहे थे।
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों को संभवत: नारायणपुर जिले के अबूझमाड में गुप्त ठिकानों में छिपा दिया है। अबूझमाड काफी दुरूह जगह है क्योंकि वहां कई बारूदी सुरंगे बिछाई गई हैं।
पिछले सप्ताह नक्सलियों ने पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए 11 मांगों की सूची भेजी थी। इस सूची में उन्होंने 4,000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले अबूझमाड में प्रशिक्षण शिविर लगाने की सेना की प्रस्तावित योजना का भी विरोध किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications