कसाब की अपील पर 21 फरवरी को फैसला सुनाएगा न्यायालय
मुम्बई। बम्बई उच्च न्यायालय ने मुम्बई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के जुर्म में मृत्युदंड की सजा पाने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब की अपील पर फैसला सुनाने के लिए इस महीने की 21 तारीख निर्धारित की है।
न्यायालय ने घोषणा की है कि वह 21 तारीख को इस बात का फैसला सुनाएगा कि वह निचली अदालत की ओर से कसाब को सुनाए गए मृत्युदंड की पुष्टि कर रहा है या उस दंड को कम कर रहा है। यह जानकारी सोमवार को विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने दी।
कसाब की वकील फरहाना शाह ने बताया कि उच्च न्यायालय निचली अदालत द्वारा सुनाए गए मृत्युदंड के खिलाफ कसाब की अपील पर भी फैसला उसी दिन करेगा।यह मामला सोमवार को आगे के निर्देशों के लिए बम्बई उच्च न्यायालय के समक्ष आया था। इस मामले की सुनवाई तीन सप्ताह पूर्व ही पूरी हो गई थी।
कसाब ने उच्च न्यायालय से मांग की थी कि उसे अदालत में पेश होने दिया जाए। न्यायालय के इससे इंकार कर देने पर सुनवाई के आखिरी दिनों में कसाब ने अदालती कार्यवाही का बहिष्कार किया। सुरक्षा मामलों की वजह से कसाब को वीडिया कांफ्रेंस के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लेना पड़ा था।
मुकदमे की सुनवाई की शुरुआती दिनों में कसाब का आचरण बहुत हिंसक था। उसने वीडियो कैमरे पर थूकने की कोशिश की। मृत्युदंड स्वीकार करने से इंकार किया, कसाब ने खुद को अमेरिका भेजे जाने की मांग भी की।
उल्लेखनीय है कि 26 नवम्बर 2008 को समुद्र के रास्ते मुम्बई में दाखिल हुए कसाब तथा पाकिस्तान से आए नौ अन्य आतंकवादियों ने शहर में कत्लेआम मचाया था। उन दसों आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनस, ताज महल पैलेस एंड टॉवर होटल, होटल ट्राइडेंट-ओबेरॉय और नरिमन हाउस को निशाना बनाया था।
60 घंटे तक चले इस खून-खराबे में विदेशी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा घायल हो गए थे।












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