राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के लोगो का हो रहा है दुरूपयोग
एनएचआरसी के एक महासचिव ने हिमाचल प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखकर इस सम्बंध में शिकयत की है। शिकायत में उन्होंने कहा है इनमें से कुछ संगठनों ने मिलते-जुलते लोगो अथवा नाम का इस मंशा के साथ पंजीकरण करवाया है, ताकि जनता को गुमराह किया जा सके।
पत्र में मानवाधिकार आयोग के महासचिव ने कहा कि आयोग में न तो किसी व्यक्ति या स्वयंसेवी संस्था या संगठन के पंजीकरण अथवा सम्बद्घता देने का प्रावधान है और न ही किसी को आयोग के नाम पर कार्य करने के लिए प्राधिकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति या स्वयंसेवी संस्था या संगठन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के लोगो अथवा नाम का उपयोग लोगों को गुमराह करने के लिए कर रहे हैं, उनके विरूद्घ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नाम और लोगो, सूची तथा नाम (अनुचित प्रयोग रोकथाम) अधिनियम 1950 के अन्तर्गत सूचीबद्घ है। अधिनियम के अनुसार आयोग के नाम और लोगो का अनुचित प्रयोग/दुरूपयोग दण्डनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति/स्वयं सेवी संस्थाएं/संगठन द्वारा आयोग के नाम और लोगो का दुरूपयोग असहनीय है और इसका कड़ा संज्ञान लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी जिला दण्डाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि आयोग के नाम और लोगो का दुरूपयोग करने वाले व्यक्ति/स्वयं सेवी संस्थाएं/संगठन के विरूद्घ त्वरित कार्रवाई की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी लाभ के लिए कोई भी आयोग के नाम और लोगों का दुरूपयोग न करें।
उन्होंने कहा कि राज्य के पंजीयक सभाएं को भी यह निर्देश दिए गए है कि वे ऐसे किसी भी संस्था का पंजीकरण न करें, जिसका नाम अथवा लोगो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मिलता-जुलता हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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