सुपर-हरक्यूलिस विमान वायु सेना के बेड़े में शामिल
हिंडन (गाजियाबाद)। भारतीय वायु सेना ने अपनी विशेष अभियानों की क्षमता में इजाफा करने के लिए शनिवार को अपने परिवहन बेड़े में अमेरिका निर्मित सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान को शामिल किया। भारत द्वारा अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर न किए जाने के कारण विमान में महत्वपूर्ण उपकरणों का अभाव है।
भारत ने वर्ष 2008 में अमेरिका से 950 मिलियन डॉलर की कीमत वाले ऐसे छह विमानों की आपूर्ति करने का आदेश दिया था। अमेरिका द्वारा उपलब्ध कराया गया इस श्रेणी का यह पहला विमान है। रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने इस विमान को भारतीय वायु सेना के नव गठित 77 स्क्वाड्रन के पहले कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन तेजबिर सिंह को औपचारिक रूप से सौंपा गया। शेष पांच विमानों को इस वर्ष के अंत तक वायु सेना में शामिल कर लिया जाएगा।
इस विमान की मदद से वायु सेना सुदूर इलाकों में खास तरह के अभियान संचालित कर सकती है। इससे वायु सेना की परिवहन क्षमता में इजाफा होगा।
विमान को बेड़े में शामिल करने के लिए गाजियाबाद के करीब हिंडन में स्थित वायु सेना अड्डे में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसमें रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पी.वी. नाइक और भारत में अमेरिका के राजदूत टिमोथी जे. रोमर शामिल हुए। भारत ने अमेरिका से छह हक्र्यूलस विमान खरीदे हैं। बाकी के विमान जल्द ही भारत को सौंप दिए जाएंगे। इन विमानों को हिंडन एयरबेस में भी रखा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications