अमेरिका भारतीय छात्रों के प्रति संवेदनशील : रोमर
भारत में अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर ने कैंसर जागरूकता से सम्बंधित एक आयोजन में संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका इस मुद्दे को लेकर काफी सजग है। यह गौरव की बात है कि अमेरिका के विभिन्न संस्थानों में 1,03,000 भारतीय छात्र पढ़ते हैं और वे चाहते हैं कि और अधिक छात्र वहां आएं। वे शिक्षा के लिए द्वार खुला रखना चाहते हैं।
उनके मुताबिक अमेरिका भारतीय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देता है और समाज के किसी भी तबके को इसका अनुचित लाभ नहीं उठाने देगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले के निपट जाने के बाद वे और अधिक कहने की स्थिति में होंगे।
सैन फ्रांसिस्को के एक उपनगरीय इलाके प्लीजैंटन में ट्राई-वैली विश्वविद्यालय पर 25 जनवरी को छापा मारा गया था और विश्वविद्यालय पर आरोप लगाया गया था कि वह विदेशी नागरिकों को अवैध तरीके से आव्रजन का दर्जा हासिल करने में मदद करता है।
अमेरिकी सरकार के एक विभाग ने इस बोगस विश्वविद्यालय के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की थी, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय का उपयोग पैसे लेकर किसी भी देश के नागरिक को अमेरिकी वीसा हासिल करने में मदद करने में किया जा रहा है।
इसके बाद विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया और इसके करीब 1,555 छात्रों को वापस उनके देश भेजे जाने की आशंका है। इनमें से 90 फीसदी छात्र भारतीय है और उनमें से भी अधिसंख्य आंध्र प्रदेश के हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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