कांग्रेस अध्यक्ष पद पर एक ही परिवार का एकाधिकार: आडवाणी
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि कांग्रेस पर महात्मा गांधी का सबसे अधिक और असाधारण प्रभाव जीवन भर बना रहा लेकिन वह भी केवल एक ही बार वर्ष 1924 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।
आडवाणी ने कहा कि महात्मा गांधी के अध्यक्ष रहते हुए वर्ष 1924 में कांग्रेस का बेलगाम में अधिवेशन हुआ था जिसमें कई बड़ी अन्य हस्तियां भी मौजूद थी, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना अमूल्य योगदान दिया। बेलगाम में गांधी के अलावा मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू, लाला लाजपत राय, राजगोपालाचारी, डा. एनी बेसेंट, सरोजनी नायडू ने भी हिस्सा लिया था। चितरंजन दास, मदन मोहन मालवीय, सैफुद्दीन किचलू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, बल्लभ भाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद भी इसमें शामिल हुए।
आडवाणी ने कहा कि यह कांग्रेस का वह दौर था जब प्रति वर्ष एक नए अध्यक्ष की नियुक्ति होती थी लेकिन अब चीजें कितनी बदल गई हैं। आज के समय में कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष पद एक परिवार तक ही समिति होकर रह गया है और संभवत: यह जीवन भर के लिए हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications