'देश में हर साल 40 हजार बच्चे होते हैं कैंसर पीड़ित'
यहां राजीव गांधी कैंसर संस्थान के 10वें वार्षिक सम्मेलन में वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ गौरी कपूर ने बताया, "भारत में बचपन में होने वाले कैंसर के मामले बढ़ रहे है। जो 40,000 मामले सामने आते हैं उनमें से केवल 20-30 प्रतिशत बच्चों को ही सही इलाज मिल पाता है।"
कपूर ने कहा, "वयस्क अवस्था में होने वाले कैंसर की अपेक्षा बाल्यकाल में होने वाले कैंसर के ठीक होने की दर अधिक होती है लेकिन यह तभी सम्भव है जब सही समय पर कैंसर का पता लगाया जा सके और बच्चे का सही इलाज हो।"
बच्चों में सामान्य तौर पर रक्त कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, लीवर और गुर्दे का कैंसर होता है। इसके अलावा कई अन्य कैंसर भी होते हैं।
संस्थान के इस वार्षिक सम्मेलन में 100 से ज्यादा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), मुम्बई के टाटा मेमोरियल अस्पताल, अमेरिका के सेंट जूड चिल्ड्रंस रिसर्च हॉस्पिटल और दुनियाभर के कई अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल थे।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन के तहत बच्चों में होने वाले कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए रविवार को मध्य दिल्ली में एक अभियान चलाया गया। इसमें करीब 2,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
'इंडियन कैंसर सोसायटी' की अतिरिक्त सचिव ज्योत्सना गोविल ने आईएएनएस को बताया कि बच्चों में कैंसर के प्रति जागरूकता की दृष्टि से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों में होने वाला कैंसर जल्द ठीक हो सकता है इसलिए इससे जूझ रहे बच्चों की जिंदगी आसान बनाने के लिए इसके प्रति जागरूकता फैलाना जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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