मिस्र: तहरीर चौक पर डटे हुए हैं प्रदर्शनकारी
काहिरा। मिस्र में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से प्रदर्शनरत, प्रदर्शनकारियों ने शनिवार की पूरी रात बारिश के मौसम की परवाह न करते हुए काहिरा के तहरीर चौक पर बिताई और राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक पर इस्तीफे का अपना दबाव लगातार बनाए रखा।
प्रदर्शनकारी हालांकि यह खबर सुनने के बाद उत्साहित हैं कि मिस्र की सत्ताधारी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी की शीर्ष कार्यकारी समिति ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में राष्ट्रपति मुबारक के बेटे जमाल मुबारक भी शामिल हैं। लेकिन इस घटना के बाद भी प्रदर्शनकारी तब तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जब तक कि मुबारक राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
दो सप्ताह से मिस्र में चल रहा मुबारक विरोधी प्रदर्शन रविवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया। तहरीर चौक मुबारक विरोधी प्रदर्शनकारियों का अड्डा बना हुआ है। मुबारक तत्कालीन राष्ट्रपति अनवर सादात की काहिरा में एक सैन्य परेड के दौरान हुई हत्या के बाद 1981 से ही मिस्र की सत्ता पर काबिज हैं।
तहरीर चौक एक तरह से शिविर में तब्दील हो गया है। प्रदर्शनकारी यहां से हटने को तैयार नहीं हैं, और वे रात को भी यहीं जमे हुए हैं। कई दिनों से तहरीर चौक पर पड़े 22 वर्षीय विद्यार्थी अहमद अब्देल मोनीम ने कहा,"हमें जल्द से जल्द सरकार को उखाड़ फेंकना है।"
मोनीम ने कहा, "बहुत पहले फ्रांस में क्रांति हुई थी, ताकि लोग अपने अधिकार पा सकें। यदि हमें मुबारक को हटाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान करनी पड़ी तो भी हम तैयार रहेंगे।"
अल जजीरा के एक संवाददाता ने रविवार के दिन को अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण बताया, लेकिन प्रदर्शनकारियों के बीच उत्तेजना की छिटपुट घटनाएं फिर भी देखी गईं। एक क्षण तो ऐसा आया कि दो प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच विरोधी नारेबाजी के बीच सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा। संवाददाता ने कहा, "आज अपेक्षाकृत शांति है। फिर भी प्रदर्शनकारी चौक और उसके आसपास धमाचौकड़ी करते हुए देखे गए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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