आम नागरिकों में बढ़ रही है असुरक्षा की भावना : अल्वा
देहरादून, 5 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तराखण्ड की राज्यपाल मार्गेट अल्वा ने शनिवार को कहा कि राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर बढ़ती घुसपैठ, अवैध खनन, प्राकृतिक जल स्रोतों में बढ़ता प्रदूषण तथा नदियों को जल विहीन करते बड़े बांध, वन माफिया और राज्य के पटवारियों की दो वषरें से चली आ रही हड़ताल जैसे बडे कारण यहां के आम नागरिक के मन में असुरक्षा की भावना को बढ़ा रहे है।
'रूल आफ ला सोसाइटी ऑफ इंडिया' की उत्तराखण्ड इकाई की ओर से शनिवार को देहरादून में 'पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरणीय सुरक्षा और भारतीय परिप्रेक्ष्य में कानून का शासन' विषय पर आयोजित एकदिवसीय राष्ट्रीय गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा, "किसी भी समृद्घ, सुदृढ, लोकतांत्रिक एवं समरस समाज व राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी नागरिकों को उनके मानवाधिकारों की पूर्ण प्राप्ति होना अनिवार्य है।"
राज्यपाल ने राज्य के वन संसाधनों, न्यायिक प्रणाली, मानव और वन्य जीवों के बीच बढ़ते संघर्ष, तथा वनों के निकट की आबादी के बेहतर जीवन स्तर को बढ़ाए जाने की योजनाओं का जिक्र करते हुए आह्वान किया कि नागरिकों के अधिकार के साथ विकास व पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों का सम्मिश्रण करते हुए एक सम्पूर्ण विकसित समाज के निर्माण के लिए कानून के शासन को सुदृढ बनाने के लिए समन्वित सहयोग करें।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एम. के. शर्मा ने कहा कि यदि आतंकवाद पर काबू नहीं पाया गया तो देश का अपेक्षित विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पर्यावरण प्रदूषण लोगों के लिए चिंता का विषय है उसी तरह आतंकवाद भी एक बड़ी चिंता हो गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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