कांग्रेस से गठबंधन के लिए चिरंजीवी अधिकृत
पार्टी कार्यालय में हुई पीआरपी की एक महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ नेता और 15 विधायकों ने भाग लिया। उन्होंने गठबंधन के सम्बंध में फैसला लेने का अधिकार चिरंजीवी को देने लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया।
पीआरपी नेता सी. रामचंद्रैया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि चिरंजीवी इस सप्ताहांत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने नई दिल्ली जाएंगे और गठबंधन सम्बंधी फैसला लेंगे।
रामचंद्रैया ने कहा, "हमारी पार्टी अपनी तरफ से कोई प्रस्ताव नहीं देगी, लेकिन इस पर गौर करेगी कि कांग्रेस अध्यक्ष इस मसले पर क्या कहना चाहती हैं और तब हमारे नेता जवाब देंगे।"
उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कांग्रेस में विलय का कोई प्रस्ताव आया है या नहीं।
पीआरपी की बैठक में इन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई कि पार्टी या तो राज्य की कांग्रेस सरकार में शामिल हो या उसके साथ विलय कर ले। बताया गया है कि ऐसे प्रस्ताव वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी ने 13 जनवरी को चिरंजीवी के समक्ष रखे थे।
रामचंद्रैया ने कहा कि पीआरपी सामाजिक न्याय का अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार है। उन्होंने कहा, "पीआरपी का गठन सामाजिक न्याय के नारे के साथ हुआ था, लेकिन हम महसूस कर रहे हैं कि कांग्रेस जैसी समान विचारधारा वाली धर्मनिरपेक्ष पार्टी के साथ कार्य करने पर ही इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है।"
उल्लेखनीय है कि एंटनी ने गठबंधन के मसले पर सोनिया गांधी के साथ आगे चर्चा के लिए अभिनेता से राजनेता बने चिरंजीवी को राष्ट्रीय राजधानी बुलाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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