करमापा के अनुयायियों ने रैली निकाली
धर्मशाला, 2 फरवरी (आईएएनएस)। तिब्बती धर्म गुरु 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजी के हजारों अनुयायियों और भिक्षुओं ने अपने धार्मिक गुरु के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए बुधवार को एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
करमापा के मठ से सात करोड़ रुपये मूल्य की भारतीय और विदेशी मुद्रा बरामद होने के बाद पुलिस उनसे पिछले सप्ताह पूछताछ कर चुकी है।
ज्ञात हो कि दलाई लामा और पंचेन लामा के बाद करमापा तीसरे सबसे बड़े तिब्बती धार्मिक गुरु माने जाते हैं। करमापा ने ग्यूतो तांत्रिक विश्वविद्यालय और मठ में उपस्थित अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जांच एजेंसिया अपना काम कर रही हैं।
तिब्बती भाषा में अपने अनुयायियों से करमापा ने कहा, "जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें। सच्चाई सामने आएगी।"
अनुयायियों ने जलती मोमबत्ती और करमापा की तस्वीर के साथ रैली निकाली। रैली में कुछ विदेशी भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उनके आध्यात्मिक गुरु गलत तरीके से विवाद में फंस गए हैं।
नूबरा चोके ने आईएएनएस से कहा, "करमापा पर लगे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इससे हम लोगों को बहुत पीड़ा पहुंची है। यहां 'गुरुजी' बौद्ध धर्म और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने के लिए हैं। उनका धन संग्रह से कोई लेना देना नहीं है।"
जुलूस मैक्डोलगंज से शुरू होकर ग्यूतो मठ पर समाप्त हो गया। इस दौरान जुलूस ने 20 किलोमीटर की दूरी तय की।
तेनजीन दोरजी ने कहा, "भारतीय मीडिया खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया ने जिस तरह से करमापा पर चीन का जासूस होने का आरोप लगाया है, वह हास्यास्पद है। सच्चाई निश्चित रूप से सामने आएगी।"
अनुयायियों ने नारा लगाया, "करमापा चीनी जासूस नहीं हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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