करमापा ने कहा, भारतीय हितों को नुकसान नहीं पहुंचाया (लीड-2)
ऊना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के. जी. कपूर के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश पुलिस का एक दल करमापा से पूछताछ के लिए ग्यूतो तांत्रिक मठ पहुंचा। उनसे शुक्रवार को भी पूछताछ की गई थी।
कपूर ने कहा, "करमापा से 50 सवाल पूछे गए और उन्होंने सभी आरोपों से इंकार किया। उन्होंने कहा कि बरामद की गई रकम अनुयायियों द्वारा दी गई है।" पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है।"
इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में धर्मशाला के व्यवसायी और होटल कारोबारी के.पी. भारद्वाज और हरियाणा के अम्बाला स्थित कार्पोरेशन बैंक के प्रबंधक डी.के. धर को पूछताछ के लिए करमापा मठ से 100 किलोमीटर दूर ऊना लाया गया।
करमापा से पूछताछ के कुछ देर बाद तिब्बती धर्मगुरु के एक प्रवक्ता ने उनके ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि वह चीन के एजेंट नहीं हैं।
प्रवक्ता कर्मा तोदपेन ने कहा, "भारत के हितों को नुकसान पहुंचाने और उन्हें कमजोर करने के लिए करमापा ने कुछ गलत नहीं किया है।"
उन्होंने कहा, "करमापा ने यह राशि दुनिया भर में फैले अपने अनुयायियों से प्राप्त की है। नकदी दान में मिली है। इस राशि का सम्बंध 'हवाला' से नहीं है।
करमापा का चीन के साथ सम्बंध पर प्रवक्ता ने कहा, "उनका तिब्बत से भागकर भारत आना स्पष्ट रूप से बताता है कि तिब्बती नागरिक चीन द्वारा दबाए जा रहे हैं।"
उन्होंने करमापा द्वारा तिब्बत छोड़ने के कारणों के बारे में भी बताया। प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने करमापा पर तिब्बती अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के खिलाफ आवाज उठाने का दबाव बनाया।
ज्ञात हो कि बेहिसाब मुद्रा की बरामदगी के बाद मामले की तह में जाने के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों ने शनिवार को करमापा सहित उनके सहयोगियों से पूछताछ की।
मठ से जब्त मुद्रा में भारी मात्रा में चीनी मुद्रा युआन (70 लाख रुपये) का मिलना हैरत में डालने वाला रहा। मठ से चीनी मुद्रा की बरामदगी से करमापा का कथित रूप से चीन के साथ सम्बंध होने का विवाद शुरू हो गया।
उल्लेखनीय है कि करमापा वर्ष 2000 में तिब्बती क्षेत्र स्थित अपने ल्हासा मठ से रहस्यमय परिस्थितियों में यहां पहुंचे थे।
धर्मशाला के व्यवसायी भारद्वाज के बारे में माना जा रहा है कि उन्होंने करमापा के न्यास के साथ मिलकर एक भूमि का करार किया। इस सिलसिले में भारद्वाज और हरियाणा के एक बैंक प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
ठाकुर ने बताया, "भारद्वाज को शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया। गत 25 जनवरी को ऊना जिले के मेहतापुर में उनके दो लोगों से अनाम एक करोड़ रुपये जब्त किए गए।
भारद्वाज ने दावा किया था कि यहां भूमि खरीदने के लिए करमापा के न्यास ने इस रुपये का भुगतान उनके लोगों को किया। इसके बाद ही करमापा के मठ पर छापे मारे गए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्पोरेशन बैंक के प्रबंधक धर को शनिवार रात गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि उसने भारद्वाज को एक करोड़ रुपये गलत तरीके से आरहण करने में मदद की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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