मिस्र में 10 प्रदर्शनकारियों की मौत, मुबारक पर दबाव बढ़ा (लीड-1)
लोकतंत्र समर्थक नेता मोहम्मद अल बरदेई ने मुबारक के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि सिर्फ सरकार को भंग करना ही पर्याप्त नहीं है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील दोहराई है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने कतर के टीवी चैनल, अल जजीरा के हवाले से कहा है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ काहिरा के मध्य स्थित आंतरिक मंत्रालय की इमारत में घुसने की कोशिश कर रही थी, लिहाजा पुलिस को गोलीबारी के लिए बाध्य होना पड़ा।
अल जजीरा ने रविवार को एक अन्य रपट में कहा कि काहिरा के दक्षिण पश्चिम में लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित एक प्रशासनिक प्रभाग, फय्यूम गवर्नोरेट में एक अज्ञात हमलावर ने एक स्थानीय जेल के अधीक्षक की गोली मार कर हत्या कर दी और कई सौ कैदियों को मुक्त कर दिया।
इसके पहले अल-जजीरा ने कहा था कि काहिरा और मिस्र के अन्य शहरों में पुलिस के साथ हुए संघर्षो में लगभग 100 लोग मारे गए हैं।
ज्ञात हो कि शनिवार मुबारक ने सरकार को भंग कर पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री अहमद शफीक को नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था और उन्हें नए मंत्रिमंडल का गठन करने का आदेश दिया था। लेकिन मुबारक के इस कदम के बावजूद मिस्र में विरोध प्रदर्शन नहीं रुका और शनिवार को लगातार पांचवें दिन हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मुबारक से कुर्सी छोड़ने की मांग की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक अल बरदेई ने अपने बयान कहा कि उपराष्ट्रपति चुने गए खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख उमर सुलेमानी और प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए पूर्व वायुसेना कमांडर और नागरिक उड्डयन मंत्री अहमद शफीक का वह सम्मान करते हैं, लेकिन विभिन्न पदों पर लोगों को बदला जाना ही पर्याप्त कदम नहीं है।
ज्ञात हो कि इस सप्ताह मिस्र में विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 1,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोग अभी तक लापता हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र की सड़कों पर प्रदर्शनरत मिस्रवासियों से हिंसा से बाज आने की दोबारा अपील की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने व्हाइट हाउस से जारी बयान के हवाले से कहा है, "उन्होंने हिंसा का विरोध करने, संयम का आह्वान करने, सार्वभौम अधिकारों का समर्थन करने, और मिस्र में राजनीतिक सुधार को गति देने वाले ठोस कदमों का समर्थन करने पर हमारी प्राथमिकता को दोहराया है।"
दूसरी ओर मुबारक विरोधी आंदोलन मिस्र की सीमा से बाहर जोर्डन तक पहुंच गया है। जोर्डन स्थित मिस्र के दूतावास के सामने शनिवार को मुबारक विरोधियों ने प्रदर्शन किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक श्रमिक संगठनों, इस्लामिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुबारक के खिलाफ नारेबाजी की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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