भ्रष्टाचार के खिलाफ पुणे, औरंगाबाद में जुलूस
भ्रष्टाचार विरोधी यह जुलूस देश के 60 शहरों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है। यह मार्च सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है।
एक कार्यकर्ता ने कहा, "पुणे में हमने इसे राजनीति से पूरी तरह मुक्त रखा है। जुलूस में शामिल सभी लोग विभिन्न क्षेत्रों से हैं और इसमें कोई भी सेलीब्रिटी नहीं है।"
पुणे में दो घंटे तक चला जुलूस फरगूसन कॉलेज गेट से शुरू हुआ और संचेती चौक, बाल गंगाधर चौक से होते हुए सम्भाजी उद्यान जाकर विसर्जित हो गया।
ज्ञात हो कि किरण बेदी, प्रशांत भूषण, न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े, अरुणा रॉय, अरविंद केजरीवाल जैसे लोगों ने मिलकर एक भ्रष्टाचार निरोधी कानून तैयार किया है, जो लोकपाल नामक एक स्वतंत्र, सशक्त, पारदर्शी और जवादेह भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसी स्थापित करने की मांग करता है।
औरंगाबाद में निकाले गए जुलूस में स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों सहित नागरिकों ने हिस्सा लिया। जुलूस क्रांति चौक से शुरू हुआ और पैठण गेट पर जाकर विसर्जित हो गया।
मुम्बई में निकाले जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी जुलूस में लगभग 10,000 लोगों के हिस्सा लेने की सम्भावना है। आयोजन समिति के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह विशाल जुलूस सरकार पर इस बात के लिए दबाव बनाने हेतु आयोजित किया जा रहा है कि वह नागरिकों द्वारा तैयार किए गए मसौदा विधेयक को कानून में परिवर्तित करे।"
प्रवक्ता ने कहा, "इस जुलूस में बड़ी संख्या में कॉलेज के विद्यार्थी, उद्योग क्षेत्र के पेशेवर, अध्यापक, सरकारी कर्मचारी, वकील, चिकित्सक और अन्य लोग हिस्सा ले रहे हैं।"
प्रवक्ता ने बताया, "इस जुलूस की योजना मध्य दिसम्बर में किसी समय छोटे रूप में बननी शुरू हुई थी। प्रारम्भ में सिर्फ दिल्ली में ही रैली निकालने की योजना थी। लेकिन जब इस योजना को सोशल नेटवर्किं ग साइट फेसबुक पर डाला गया तो इसे अपार समर्थन मिला, लिहाजा इसका स्वरूप वृहद हो गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications