थैचर ने चंद्रास्वामी से की थीं गोपनीय मुलाकातें
समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक सिंह ने थैचर और चंद्रास्वामी के बीच मुलाकातों के ब्योरों का खुलासा किया है, जो दोनों लोगों के बीच की मुलाकातों के समय वहां मौजूद थे।
ज्ञात हो कि वर्ष 1975 में सिंह लंदन में भारत के उप उच्चायुक्त थे। उनकी तैनाती के समय चंद्रास्वामी ने लंदन की यात्रा की और उनसे 'थैचर से मुलाकात कराने की मांग रखी।'
चंद्रास्वामी की तब तक शाख जम चुकी थी और उन्होंने स्वयं को चर्चित हस्तियों और राजनीतिक नेताओं नैंसी रीगन, एलीजाबेथ टेलर और ब्रुनेई के सुल्तान का आध्यात्मिक सलाहकर्ता बताया।
थैचर ने च्रदास्वामी को मिलने के लिए सिर्फ 10 मिनट का समय दिया था।
चंद्रास्वामी से पहली मुलाकात में थैचर इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने दूसरी मुलाकात में स्वामी द्वारा लाल वस्त्र पहनने और कलाइयों पर उनके द्वारा दिए गए ताबीज पहनने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
दूसरी मुलाकात में चंद्रास्वामी नारंगी शॉल ओढ़ कर आए थे। उनके ललाट पर धार्मिक चिह्न् था, गले में माला थी और हाथ में एक दंड था।
इस मुलाकात में स्वामी ने थैचर को पांच पर्ची दिया और हर पर्ची पर एक सवाल लिखने के लिए कहा।
थैचर ने उन सभी पर्चियों पर सवाल लिख दिए और बैठ गईं। बाद में स्वामी ने थैचर को एक-एक कर कोई भी पर्ची उठाने के लिए कहा और उन्हें बताया कि उसमें क्या लिखा है। सिंह ने इस मुलाकात में दुभाषिए की भूमिका निभाई थी।
सिंह ने कहा कि चौथे सवाल तक थैचर की खीज श्रद्धा में बदल गई थी।
इसके बाद स्वामी सोफे पर पद्मासन की मुद्रा में बैठ गए और उन्होंने थैचर के कई सवालों के जवाब दिए। उनके हर जवाब से थैचर संतुष्ट और प्रभावित दिखीं।
सूर्यास्त होने के बाद स्वामी ने सवालों का जवाब देने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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