अमेरिका में भारतीय छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार
वाशिंगटन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। कैलीफोर्निया के 'शैम' विश्वविद्यालय द्वारा ठगे जाने के बाद अब वहां पढ़ाई के लिए गए कुछ अन्य भारतीय छात्रों को अपने टखने पर निगरानी करने वाला यंत्र बांधने के लिए मजबूर किया गया है। विश्वविद्यालय के इस अमानवीय कदम का विरोध भारत ने शनिवार को अमेरिका से किया। भारत ने इस निगरानी प्रणाली को तुरंत हटाए जाने की मांग की है।
प्लीसैंटन स्थित ट्राई-वैली विश्वविद्यालय (शैम विश्वविद्यालय) के करीब 1555 छात्रों में से 90 प्रतिशत छात्र भारत के हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र आंध्र प्रदेश से आते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने पैसे लेकर छात्र वीसा बेचने के आरोप में विश्वविद्यालय पर ताला लगा दिया।
कुछ छात्र मदद के लिए आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के कार्यालय गए लेकिन उन्हें 'इंटेंस सुपरविजन एंड अपीयरेंस प्रोग्राम' (आईएसएपी) के तहत रख दिया गया। इसके तहत उन पर गहन निगरानी रखी जा रही है।
उत्तरी अमेरिका तेलुगू संघ (टीएएनए) के जयराम कोमाती ने आईएएनएस को बताया कि आईसीई सदस्यों ने कुछ छात्रों का साक्षात्कार लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया लेकिन कुछ छात्रों को घुटने के पास निगरानी रखने वाले यंत्र को पहनने के लिए दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने नई दिल्ली में कहा, "हमने अमेरिकी अधिकारियों से छात्रों के बारे में अपना संदेश दिया है। इनमें से ज्यादातर छात्र वीसा मामले के शिकार हैं। अमेरिकी अधिकारियों से छात्रों के साथ निष्पक्ष एवं उचित व्यवहार करने के लिए कहा गया है।"
उन्होंने कहा, "अमेरिकी कानूनों के अनुरूप पहले हिरासत में लिए गए और बाद में निगरानी उपकरण के साथ छोड़े गए छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई अवांछनीय है और निगरानी उपकरण को हटाया जाना चाहिए।"
प्रकाश ने कहा कि एमईए और सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भारतीय छात्रों और अमेरिकी अधिकारियों के साथ सम्पर्क में है। उन्होंने कहा कि छात्रों की 'वैध हितों' की सुरक्षा के लिए 'हरसंभव कदम' उठाए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications