बाघ ने ली थी युवक व 3 महिलाओं की जान
उत्तराखण्ड के मुख्य वन संरक्षक डा. श्रीकांत चंदोला ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि भारतीय वन्य जीव संस्थान द्वारा विधि विज्ञान संकाय को भेजे गए रक्त के नमूनों की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस बाघ को 11 जनवरी को गोली लगी थी, उसी बाघ को 27 जनवरी को मारा गया। उन्होंने बताया कि जब बाघ का पोस्टमार्टम किया गया तो उसके शव से वह गोली भी मिली जो 11 जनवरी को उसे लगी थी।
उन्होंने बताया कि पूर्व में तीन महिलाओं को अपना निवाला बनाना वाला यही बाघ था। उन्होंने बताया कि घटनाओं के समय रक्त के नमूने एकत्रित किए गए थे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट से पता चला है कि यही वह बाघ था, जिसने गुरुवार को युवक को अपना शिकार बनाया था।
पहले नरभक्षी बाघिन और बाद में बाघ होने के संशय पर उन्होंने कहा कि बाघ को किसी ने सामने से नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पदचिन्हों से पता चला कि वह बाघ था, बाघिन नहीं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद यह पता चला है कि इस बाघ का पिछला पांव बाघिन के पांव जैसे थे। इसी कारण यह संशय बना था जो अब समाप्त हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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