ईरान की संसद में उठी ब्रिटेन से सम्बंध तोड़ने की मांग
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने ईरान को नुकसान पहुंचाया है इसलिए इसका जवाब दिया जाना चाहिए।
समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा करने के लिए एक प्रस्ताव संसद में रखा जाएगा। यह कब रखा जाएगा, इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा।
ईरान और ब्रिटेन के बीच 2009 में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था, जब ब्रिटेन ने विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव में चुनावी धांधली के विरोध में हो रहे प्रदर्शन का समर्थन किया था।
ईरानी संसद ने तब से विदेश मंत्रालय से मांग की है कि ब्रिटेन के साथ सम्बंध तोड़ लिया जाए।
पिछले महीने ईरान में ब्रिटेन के राजदूत सिमोन गास ने दूतावास की वेबसाइट पर ईरान के मानवाधिकार रिकार्ड की आलोचना की थी और असंतुष्ट मानवाधिकार कार्यकर्ता तथा वकील नसरीन सोतोदे को छोड़ने की मांग की थी। इसने ईरानी संसद में फिर से असंतोष बढ़ा दिया।
ईरानी सरकार ने इस मांग को अभी तक मानने से इंकार किया है।
लारिजानी ने कहा कि सम्बंध तोड़ने का अधिकार संसद के हाथ में है, किसी अन्य निकाय के हाथ में नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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