मिस्र में मुबारक के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन (लीड-2)
काहिरा, 28 जनवरी (आईएएनएस)। मिस्र में शुक्रवार को नमाज के बाद राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को हटाने और लोकतंत्र स्थापित करने की मांग को लेकर कई जगहों पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और राष्ट्रपति के खिलाफ आवाज उठाने वाले मोहम्मद अलबरदेई ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन में अब तक सात लोगों की जान गई है।
प्रदर्शनकारियों से सरकार को मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए मिस्र के अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाएं ठप कर दीं और जगह जगह प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें कीं।
सरकार के खिलाफ आयोजित भारी विरोध प्रदर्शन से पहले ही संचार सेवाएं ठप्प हो गईं। इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। लोग मोबाइल फोन से भी संदेश नहीं भेज पा रहे हैं।
पिछले 30 वर्षो से शासन कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को हटाने और लोकतंत्र स्थापित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को नमाज के बाद भारी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया।
मिस्र की राजधानी काहिरा में टेलीफोन संपर्क बहाल न होने से बाहरी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को नामज के बाद सरकार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में लाखों लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है।
सर्वर विदेश में होने की वजह से सरकार विरोधी कुछ वेबसाइट्स चल रही हैं लेकिन इसे अद्यतन करने में संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वेबसाइट 'युआन7' के एक कर्मचारी ने बताया, "पत्रकार वेबसाइट पर रपटें नहीं लगा पा रहे हैं क्योंकि हम इंटरनेट के जरिए किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।"
आंदोलनकारी प्रदर्शन आयोजित करने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट्स और ट्विटर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उधर, रातभर कुछ वेबसाइट नहीं चलीं। काहिरा में अमेरिकी दूतावास और मिस्र सरकार की वेबसाइट नहीं खुल पाईं।
काहिरा के मध्य इलाके में ताहिर चौक पर पिछले एक हफ्ते के दौरान एकत्रित होती प्रदर्शकारियों की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है।
ताहिर चौक तक जाने वाले स्थानीय मार्गो की नाकेबंदी की गई है और मेट्रो स्टशनों को भी बंद कर दिया गया है।
काहिरा के दक्षिणी हिस्से में अल-हराम में मुख्य मस्जिदों में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।
पुलिस ने इस बीच रात के दौरान प्रतिबंधित और सबसे बड़े विपक्षी दल 'मुस्लिम ब्रदरहुड' के आठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में असंतुष्टों को गिरफ्तार कर लिया।
विरोध प्रदर्शनों में अब तक सात लोगों को जान गंवानी पड़ी है। पुलिस ने अब तक करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि शुक्रवार का यह प्रदर्शन राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक की 30 साल की सरकार को सत्ता से हटने के लिए बाध्य कर सकता है। यह पहला मौका है जब मुबारक की सरकार ने विपक्ष के साथ 'वार्ता' करने की इच्छा जताई है। साथ ही सरकार ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारी पिछले 30 वर्षो से शासन कर रहे राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को हटाने और लोकतंत्र स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। अब तक करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रदर्शनकारियों में ट्यूनीशिया में भारी जनप्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति जैनुल आबेदीन अली बेन के देश छोड़कर जाने के बाद अपने आंदोलन से सफलता की उम्मीद जगी है।
मिस्र में विपक्षी दल के नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता अल बरदेई गुरुवार को काहिरा पहुंचे। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पूर्व प्रमुख बरदेई ने मुबारक को हटाकर नई सरकार के गठन का संकेत दिया है।
अलबरदेई ने पत्रकारों से कहा कि हुस्नी मुबारक की सरकार का 'अंत समय नजदीक' आ गया है। उन्होंने मुबारक से जनता की आवाज सुनन का अनुरोध किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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