लंदन में कश्मीर मसले को उठाएंगे मीरवाइज
मीरवाइज ने पत्रकारों से कहा, "मैं कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों पर रोक लगाने वाले मामले को लंदन में उजागर करुं गा। साथ ही पिछले साल गर्मी के मौसम में कश्मीरियों के संघर्ष को शांतिपूर्ण आंदोलन से हिंसात्मक रूप में तब्दील होने की प्रक्रिया के बारे में बताऊंगा।"
अलगाववादी नेता ने कहा कि वह भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के दौरान कश्मीरी लोगों को भी शामिल करने की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा, "मैं यह दोबारा कहना चाहूंगा कि कश्मीरी लोगों को शामिल किए बगैर भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत निर्थक साबित होगी।"
मीरवाइज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार दिलीप पडगांवकर ने गुरुवार को उन्हें मिलने को बुलाया था और बातचीत की इच्छा जताई थी।
उनहोंने कहा, "मैंने वार्ताकारों से कहा है कि जब तक घाटी से सुरक्षाबलों को हटाने, सशस्त्र सेना विशेष शक्तियां अधिनियम हटाने और राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग पूरी नहीं की जाती है तब तक हम उनसे नहीं मिलेंगे। इस मांग को वर्ष 2006 में रखा गया, जो अभी अधूरा है।"
लंदन में 'एशियन पावर्स इन कश्मीर : पाकिस्तान, इंडिया एंड चाइना' विषय पर आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए मीरवाइज शुक्रवार को रवाना होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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