निकाह में फिजूलखर्ची बर्दाश्त नहीं करेंगे इमाम
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुसलमानों के धर्मगुरू इमामों ने मुस्लिम शादियों में फिजूलखर्ची का जबर्दस्त विरोध किया है। शहर के इमामों ने ऐलान किला है कि जिन शादियों में फिजूलखर्ची होगी वहीं इमाम निकाह पढ़ाने से इंकार कर देंगे। इमामों का कहना है कि मुसलमानों को शादियों में डीजे बजाने, खड़े होकर भोजन करने और दहेज के सामान की नुमाइश करने से बाज आना चाहिए।
जनपद में सोमवार को हुई एक आम बैठक में मौजूद इमामों ने उन शादियों में निकाह नहीं पढ़ाने का फैसला लिया है, जिसमें इस्लाम के खिलाफ काम होते हों। इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद व मुत्तहिदा महाज के सभी सदस्य मौजूद थे। इमामों ने कहा कि इस्लाम धर्म के मुताबिक शादियों में किसी भी लड़की और लड़के वालों को दिखावा नहीं करना चाहिए। किसी भी शादी में खड़े होकर भोजन करना इस्लाम के मुताबिक हराम है। खड़े होकर खाना जानवरों का काम है, इंसानों का नहीं।
उन्होंने कहा कि लड़की वालों को दहेज की नुमाइश नहीं करनी चाहिए और न ही शादी में फिल्मी गानों पर नाचना या डीजे बजाना चाहिए, क्योंकि शरीयत के मुताबिक इस्लाम इनकी इजाजत नहीं देता। कहा गया कि ऐसी शादियों में जो इमाम निकाह पढ़ाएगा, वह इस्लाम का सच्चा वफादार नहीं माना जाएगा।













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