डॉलर के बहाने चीन ने अमेरिका को ललकारा
चीन अमेरिका के अब तक सभी आरोपों को अपनी सफाई देकर खारिज करता रहा लेकिन अब चीन ने अमेरिकी मुद्रा डॉलर का वर्चस्व कमजोर पड़ने के बहाने अमेरिका पर पलटवार किया है। चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा है कि वैश्विक मौद्रिक तंत्र में अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व अब बीती बात हो गई है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात के लिए अमेरिका रवाना होने से पहले जिंताओ ने एक अमेरिकी समाचार पत्र
को दिए साक्षात्कार में यह बात कही। अमेरिकी समाचार पत्र 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' और 'वाशिंगटन पोस्ट' को दी गई लिखित प्रतिक्रियाओं में जिंताओ ने कहा, "इस बात से कोई इंकार नहीं है कि हमारे बीच कुछ संवदनशील मुद्दे हैं और कुछ मतभेद मौजूद है। हम मजबूत चीन-अमेरिका सम्बंध चाहते हैं और टकराव से दूर रहना चाहते हैं।"
उल्लेखनीय है कि जिस तरह के तेवर के साथ जिंताओ, बराक ओबामा से मिलने आए हैं, उससे ये तो नहीं लगता कि चीन किसी भी मामले में अमेरिका से किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार है। बल्कि जिंताओं की बातों से तो ऐसा लगता है मानो वो अमेरिका को चीन की खुली चुनौती देने अमेरिका आए हों।













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