लखनऊ: छात्रों की क्लास में फेल हुए राहुल गांधी

सभागार में मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित था। लंबी कतारों में लगने के बाद जब छात्र पूरे उत्साह के साथ राहुल गांधी से मुखातिब हुए तो उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी। पहले राहुल गांधी का लेक्चर हुआ, जिसमें उन्होंने देश के निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर व्याख्यान दिया। इसके बाद करीब 45 मिनट का प्रश्नोत्तर सत्र चला, जिसमें वो छात्रों के कई सवालों के जवाब देने में नाकाम साबित हुए।
सभागार में मौजूद छात्र अभिषेक राय ने वनइंडिया को फोन पर बताया कि महंगाई रोकने के लिए केंद्र सरकार की भूमिका पर किए गए सवाल पर राहुल गांधी पहले तो चुप रहे। फिर राहुल गांधी ने जवाब दिया महंगाई अब वैश्विक अर्थ व्यवस्था पर निर्भर करती है, लिहाजा हम कुछ नहीं कर सकते। हमारी सरकार सिर्फ जरूरी वस्तुओं के दाम कम कर सकते हैं। राहुल ने अंत में राज्य सरकारों पर इसका ठीकरा फोड़ दिया।
अगला सवाल भ्रष्टाचार को लेकर था। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि भ्रष्टाचार आज पूरे देश की समस्या बन चुका है और वो तभी कम होगा जब युवा राजनीति में आएंगे। लिहाजा मैं आपसे अपील करता हूं, कि आप राजनीति में आएं और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि भारत का स्वस्थ्य र्माण युवाओं के राजनीति में आने से ही हो सकता है।
एक छात्र ने जब यह पूछा कि राजनीति में करियर की क्या गारंटी है? तो राहुल ने जवाब दिया, "अगर आप करियर बनाना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप एमबीए, बीबीए या इंजीनियरिंग करें। राजनीति में आने के लिए आपको कई सारे बलिदान देने होंगे। 1000 लोगों में से एक ही सफल हो पाता है। लिहाजा हर बार सफलता की उम्मीद न लगाएं।"
इसी क्रम में छात्रों ने जब उत्तर प्रदेश के हालात और बेरोजगारी पर सवाल पूछा तो राहुल ने जवाब दिया, "उत्तर प्रदेश की सरकार मैने नहीं चुनी है, आपने सरकार चुनी है, तो भोगना आप ही को पड़ेगा। इसलिए सरकार चुनते वक्त सही निर्णय जरूरी है। हमारी सरकार होती तो हम जरूर कुछ कर सकते थे।"
कुल मिलाकर राहुल के इस प्रकार के घुमावदार जवाब से छात्र संतुष्ट नहीं हुए। राहुल गांधी को लखनऊ में भी विरोध का सामना करना पड़ा। संवाद सत्र में अंदर नहीं पहुंच पाने पर कई छात्रों ने वहां हंगामा और विरोध प्रदर्शन भी किया। साथ ही राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।












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