बालाकृष्णन के दामाद ने कांग्रेस छोड़ी
तिरुवनंतपुरम। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन के दामाद, पी.वी.श्रीनिजिन ने बुधवार को युवक कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। श्रीनिजिन पर कथित रूप से अपार सम्पत्ति जमा करने का आरोप है। दूसरी ओर एक अदालत ने बालाकृष्णन के रिश्तेदार के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर दायर एक याचिका स्वीकार कर ली है। युवक कांग्रेस ने इसके पहले घोषणा की थी कि वह इस बात की जांच करेगी कि पेशे से वकील श्रीनिजिन इतने धनी कैसे हो गए।
युवक कांग्रेस के अध्यक्ष पी.सी.विष्णुनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया, "उन्होंने अपना इस्तीफा भेज दिया है और उसे स्वीकार कर लिया गया है।" श्रीनिजिन 2006 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन वह चुनाव हार गए थे।इस बीच त्रिशूर सतर्कता अदालत ने श्रीनिजिन और के.जी.बालाकृष्णन के भाई के.जी.भास्करन के खिलाफ एक याचिका स्वीकार कर ली है। याची जार्ज वट्टकलम ने बालाकृष्णन के करीबी रिश्तेदारों द्वारा अर्जित की गई विभिन्न सम्पत्तियों के राजस्व रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है।मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
बालाकृष्णन का परिवार उस समय से चर्चा में आ गया है, जब सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वी.आर.कृष्णा अय्यर ने 27 दिसम्बर को इस बात की जांच कराए जाने की मांग की थी कि श्रीनिजिन ने महज तीन वर्षो में इतनी अधिक सम्पत्ति कैसे अर्जित कर ली।अय्यर ने बालाकृष्ण से इस मुद्दे पर सफाई मांगी है।इस बीच केरल सरकार के गृह विभाग ने मुख्यमंत्री वी.एस.अच्युतानंदन से पत्र मिलने के बाद श्रीनिजिन के खिलाफ सतर्कता जांच की कार्यवाही शुरू कर दी है।












Click it and Unblock the Notifications