Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

गुर्जर नेताओं और राजस्थान सरकार के बीच हुई वार्ता

बयाना (राजस्थान)। राजस्थान में सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 11 दिनों से आंदोलन कर रहे गुर्जर आंदोलनकारियों के नेताओं और राज्य सरकार के बीच गुरुवार को वार्ता हुई।राजस्थान सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के प्रधान सचिव जी.एस. संधू ने आईएएनएस को बताया, "वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। हमसे मिलने के बाद 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीलू का पुरा लौट गया जहां प्रतिनिधि बैठक के बारे में अन्य नेताओं को बताएंगे। हम आशान्वित हैं कि जल्द ही सौहार्दपूर्ण समाधान निकल आएगा।

ज्ञात हो कि संधू गृह विभाग भी देख रहे हैं। उन्हें गुर्जर नेताओं के साथ वार्ता के लिए राज्य सरकार ने जिम्मेदारी सौंपी है।उन्होंने कहा, "हमने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सरकार उन्हें पांच फीसदी आरक्षण मुहैया कराने के लिए वचनबद्ध है, लेकिन इसके लिए हमें कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा और उच्च न्यायालय के आने वाले फैसले पर भी गौर करना होगा।"संधू ने करवाड़े गांव में प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता को सकारात्मक बताया।

इससे पहले राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात गुर्जर नेताओं से कहा था कि न्यायालय के फैसले तक समुदाय को पहले दिए जा चुके एक प्रतिशत आरक्षण के अलावा सरकार नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण का समर्थन करेगी।अभी यह तय नहीं किया गया है कि दूसरे दौर की वार्ता कहां होगी।

इस बीच गुर्जरों ने 20 दिसम्बर से आंदोलन करने का जो निर्णय लिया था, उसे जारी रखा। उन्होंने गुरुवार को भरतपुर को बंद रखने का एलान किया जो पूरी तरह सफल रहा। यहां के प्रमुख बाजार बंद रहे।भरतपुर जिले में स्थित बयाना के निकट रेल पटरियों पर कब्जा किए जाने से गुरुवार को दिल्ली और मुम्बई के बीच रेल सेवाएं बाधित रहीं। बयाना राज्य की राजधानी जयपुर से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

बयाना में 'महापंचायत' करने के बाद सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकर्ताओं ने पीलू का पुरा में रेल पटरियों पर कब्जा कर लिया था, जिसके चलते इस मार्ग पर रेल सेवाएं बाधित हुईं। कुछ रेल गाड़ियों के मार्ग बदले गए तो कुछ को स्थगित कर दिया गया।गुर्जरों का यह आंदोलन बुधवार को नई दिल्ली और ग्रेटर नोएडा तक फैल गया था। उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जंतर मंतर पर जुटे गुर्जर प्रदर्शनकारियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने समुदाय के समर्थन में नारे लगाए, लेकिन इस दौरान कोई बड़ी हिंसा की वारदात नहीं हुई।

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2009 में राजस्थान सरकार ने गुर्जरों को पांच प्रतिशत और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गो को 14 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी, इसके साथ ही राज्य में समाज के विभिन्न वर्गो के लिए कुल 68 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। सरकार की इस घोषणा पर हालांकि राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी।सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय कुल 50 फीसदी आरक्षण की सीमा पार कर जाने के कारण उच्च न्यायालय ने इस वर्ष 22 दिसम्बर के अपने फैसले में गुर्जरों को आरक्षणों की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+