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वाराणसी विस्फोट : प्रदेश पुलिस के पास सुराग नहीं

मुम्बई/लखनऊ । धर्मनगरी वाराणसी में हुए विस्फोट को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच मामले की जांच में जुटी उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसी अहम सुराग के मिलने से इंकार किया है वहीं मुम्बई पुलिस का कहना है कि इसके पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी रियाज और इकबाल भटकल जिम्मेदार हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने वाराणसी में आतंकवादी हमले के लोकर कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी थी। चिदम्बरम ने बुधवार को वाराणसी में इस बारे में राज्य सरकार को सूचित करने की बात कही थी।

मुम्बई पुलिस आयुक्त संजीव दयाल ने मुम्बई में कहा, "वाराणसी विस्फोट की जांच में पुलिस को मिले साक्ष्य इंडियन मुजाहिदीन के रियाज और इकबाल भटकल की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। विस्फोट के लिए अपनाया गया तरीका उनकी तरफ संकेत करता है। दोनों पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।" फरवरी 2010 में पुणे के जर्मन बेकरी विस्फोट में भटकल बंधुओं की संलिप्तता सामने आई थी।

भटकल बंधुओं ने कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना की है। इस संगठन ने वाराणसी विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। मुम्बई पुलिस ने कहा है कि विस्फोट की जिम्मेदारी लेने वाले ई-मेल को मुम्बई के मलाड से नहीं बल्कि नवी मुम्बई से भेजा गया था।

मंगलवार को वाराणसी के दशाश्वमेघ घाट से लगे शीतला घाट पर हुए विस्फोट में एक दो वर्षीया बच्ची की जान चली गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए।उधर, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) बृजलाल ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया, "अभी तक की जांच में किसी आतंकी संगठन, माड्यूल या किसी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है।"

पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट के सम्बंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि विस्फोट के सिलिसिले में न तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।बृजलाल ने कहा कि घटना की जांच में आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को लगाया गया है। अभी तक मामले की जांच जिला पुलिस कर रही थी।

विस्फोट की प्रकृति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच टीम को विस्फोट की जगह से न तो कोई छर्रा, सर्किट, बैटरी और न ही कोई ऐसा उपकरण मिला है, जिससे विस्फोट की प्रकृति के बारे में पता चले।लाल ने बताया कि जो भी अवशेष घटनास्थल से मिले हैं, उनकी जांच फोरेंसिक के विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है। रासायनिक परीक्षण (केमिकल एनालिसिस) के बाद ही विस्फोट की प्रकृति के बारे में पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार को वाराणसी में आतंकवादी हमले की पूर्व जानकारी दिए जाने के केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम के बयान पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने यहां कहा कि उसे किसी तरह की कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई थी। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री मायावती का बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को 26/11 और छह दिसम्बर के सम्बंध में केवल सावधान रहने की सामान्य सूचना दी गई थी, इस सूचना में किसी तरह की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। सिंह ने कहा कि गत 25 फरवरी को केंद्र सरकार से मिले परामर्श में दशाश्वमेघ घाट का उल्लेख था, लेकिन वह परामर्श दशहरा के परिप्रेक्ष्य में था। उन्होंने कहा कि करीब एक साल पहले दी गई सूचना को क्रियान्यवन योग्य नहीं माना जा सकता।

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