ऑपरेटिंग सिस्टम शहंशाह माइक्रोसॉफ्ट को गूगल की चुनौती

गूगल के मुताबिक क्रोम ओएस काफी हल्का ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह शुरुआत में नोटबुक्स के रूप में उपलब्ध होगा। यह ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर को तेज बनाएगा, ज्यादा आसान और अधिक सुरक्षित बनाएगा। साल 2011 की शुरुआत में गूगल क्रोम ओएस नोटबुक्स उपलब्ध हो जाएंगी। इसके अलावा यह ऑपरेटिंग सिस्टम हर स्क्रीन साइज के लिए माकूल होगा।
गूगल क्रोम ओएस के फीचर्स निम्नलिखित हैं-
इंस्टैंट वेब- क्रोम नोटबुक में बूटिंग प्रॉसेस 10 सेकेंड में शुरू होगी। वेबसाइट आसानी से लोड होगी और आराम से एक्सेस की जा सकती है। इसमें सारी नई वेब सुविधाएं और एडोब फलैश मौजूद है।
सभी जगह यूजफुल - इसमें सारे एप्लीकेशस, सेटिंग्स, डाक्यूमेंट सब कुछ बेहद आसानी से स्टोरगा जिसे आप कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं।
इंटरनेट हर जगह उपलब्ध - इसकी वाई-फाई तकनीक के जरिए आप कहीं भी और कैसे भी इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा 3G भी इसमे उपलब्ध होगा।
सिस्टम एकदम सुरक्षित - डाटा एक्सेस करते समय यह क्रोम नोटबुक वायरस के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रहती है। क्योंकि इसका सुरक्षा तंत्र इसके सिस्टम में मौजूद है। मतलब इसके लिए अगल से सेक्योरिटी सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं।
हमेशा नया - गूगल क्रोम हमेशा लेटेस्ट फीचर्स से खुद को अपग्रेड रखेगा। इसके अ लावा गेम्स से लेकर फोटो एडिटर तक ढेरों नये वेब अप्लीकेशंस इसमे इनबिल्ट हैं।
गूगल ने इस झपरेटिंग सिस्टम के लांच से पहले एक पायलट प्रोग्राम भी रखा है। जहां इस नये ऑपरेटिंग सिस्टम को टेस्ट करने विशेषज्ञ आएंगे। जिससे लांचिग के समय गूगल क्रोम ओएस और अधिक एडवांस होगा।












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