हवाई कंपनियों के किराया बढ़ोतरी प्रस्ताव को परिषद देखेगा : पटेल
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने घरेलू हवाई कंपनियों के किराए में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को शुक्रवार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन किया जाएगा जो किराया बढ़ोतरी मामले को देखेगी। पटेल ने कहा, "हमने नागरिक उड्डयन आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन तुरंत करने का फैसला किया है।"
मंत्री ने कहा कि परिषद का गठन नागरिक उड्डयन सुरक्षा सलाहकार परिषद की तर्ज पर किया जाएगा। इस परिषद का गठन मंगलोर हवाई हादसे के बाद किया गया था।पटेल ने कहा कि हवाई कंपनियों को अपने किराए में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी के औचित्य को साबित करना होगा ताकि यात्रियों को प्रत्येक दिन के आधार पर किराए के बारे में जानकारी हो सके।
उन्होंने कहा, "यदि आज किसी हवाई कंपनी का किराया 10,000 रुपये है और कल वही किराया 20,000 रुपये हो जाता है तो किराए में इस वृद्धि के पीछे कारण क्या है, इसे हवाई कंपनियों को बताना होगा।"पटेल ने कहा कि आर्थिक सलाहकार परिषद को सोमवार को अधिसूचित कर दिया जाएगा और इसकी पहली बैठक दस दिसम्बर को होगी।
उन्होंने बताया कि परिषद में सभी हवाई कंपनियों के वरिष्ठ स्तर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रतिनिधि के रूप में शामिल होंगे। इसमें हवाई अड्डा संचालकों के सीईओ, सीआईआई, एसोचैम, फिक्की, आईएटीए और डीजीसीए के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।इस नई आर्थिक सलाहकार परिषद की अध्यक्षता नागरिक उड्डयन सचिव नजीब जैदी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि डीजीसीए को पिछले कुछ सप्ताहों से शिकायत मिली थी कि हवाई कंपनियां अंतिम समय में टिकट खरीदने पर यात्रियों से सामान्य से काफी अधिक कीमत वसूल रही हैं।इस पर नियामक ने कई हवाई कंपनियों को नोटिस जारी कर उनसे उनके किराए की कीमतों के बारे में जवाब सौंपने के लिए कहा था।पटेल ने हवाई कंपनियों के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि हवाई कंपनियों ने निदेशालय को किराया से संबंधित जो जवाब भेजा है, उससे निदेशालय संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि निदेशालय चाहता है कि एयरलाइंस किराया पारदर्शी तरीके से तय करने के बारे में और स्पष्टता से बताएं।गौरतलब है कि निदेशालय ने एयरलाइंस को नोटिस जारी किया था, जिसका एक दिसंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के जवाब में एयरलाइंस ने दूरी के आधार पर किराया तय करने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा।
एयरलाइंस ने दूरी के आधार पर किराया का चार वर्ग बनाने का प्रस्ताव रखा है। ये हैं 750 किलोमीटर (किमी) तक, 750 किमी से 1000 किमी तक, 1000 किमी से 1,400 किमी और 1,400 किमी से अधिक की दूरी।सस्ते एयरलाइंस (एलसीसी या लो कॉस्ट कैरियर) के लिए 750 किमी तक की दूरी के लिए सामान्य रूप से 2,200 रुपये और सभी सेवाओं वाले एयरलाइंस (एफएससी या फुल सर्विस कैरियर) के लिए अधिकतम 13,000 रुपये का प्रस्ताव रखा गया।
इससे अधिक दूरी वाले 750 किमी से 1,000 किमी वाले खंड में न्यूनतम 3,000 रुपये (एलसीसी) और 20,000 रुपये (एफएससी) का प्रस्ताव रखा गया।इससे अधिक दूरी वाले 1,000 किमी से 1,400 किमी वाले खंड में 4,000 रुपये (एलसीसी) और 25,000 रुपये (एफएससी) का प्रस्ताव रखा गया।इससे अधिक दूरी वाले यानी 1,400 किमी से अधिक वाले खंड में 5,000 रुपये (एलसीसी) और 40,000 रुपये (एफएससी) के किराये का प्रस्ताव रखा है।












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